यूपी के मऊ जिले के किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत की खबर दी है. अगर किसान सब्जियों की खेती करते हैं, तो वह मऊ में उद्यान विभाग की ओर से पौधों पर भारी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही इस योजना का किसानों को यह बड़ा फायदा होगा की उनकी खेती की लागत में कमी आएंगी और अधिक मुनाफे की संभावना बढ़ेगी. ऐसे में अगर आप भी इस सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आगे इस लेख में जानें.
योजना में कितना मिलेगा अनुदान?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और यह जानना चाहते हैं कि सरकार इस सरकारी योजना के तहत कितना अनुदान देगी, तो बता दें अगर आप इस सरकारी योजना में आवेदन कर सरकार की ओर से यानी की उद्यान विभाग द्वारा प्रति हेक्टेयर या तय रकबे के हिसाब से लगभग 10,000 रुपये तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं.
किन सब्जियों के पौधों पर मिलेगा अनुदान?
किसान अपने खेतों में सब्जियों की पैदावार बड़े पैमाने पर कर रहे हैं और ऐसे में इस कल्याणकारी सरकारी योजना का सहारा मिलना किसी वरदान से कम नहीं. अगर किसान इस योजना में अप्लाई करते हैं, तो वह कद्दू वर्गीय सब्जी, रबी की सब्जियां और टमाटर, शिमला मिर्च, पत्तागोभी, फूलगोभी, कद्दू, लौकी, करेला, भिंडी, तोरई जैसी सब्जी बीजों पर सरकार की तरफ से अनुदान मुहैया कराया जाएगा.
योजना में क्या पात्रता और दस्तावेज होंगे?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और इस योजना में आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो ऐसे में सब्जी की खेती में अनुदान पाने के लिए आपकी पात्रता और दस्तावेज इस तरह से होनी चाहिए-
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आधार कार्ड
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बैंक पासबुक (डीबीटी के लिए)
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जमीन के कागजात जैसे खसरा-खतौनी
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भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्रपासपोर्ट साइज फोटो
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चालू मोबाइल नंबर
इन सभी दस्तावेजों का किसानों के पास होना बेहद ही जरुरी है. अगर जिले के किसी किसान ने पास यह जरुरी कागत नहीं मिलते हैं, तो वह इस सरकारी योजना में पात्र नहीं माना जाएगा.
योजना में कैसे करें अप्लाई?
अगर आप भी सब्जियों की खेती करने का विचार बना रहे हैं. ऐसे में यह योजना आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकती है. इस योजना में आवेदन करने के लिए आप विभाग की वेबसाइट www.harticulture.com पर जाकर आसानी से पंजीकरण करवा कर योजना का लाभ उठा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह