Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 25 March, 2019 12:55 PM IST

लोकसभा चुनाव 2019 जितना नजदीक आ रहा है. राजनीतिक पार्टियां उतना ही किसानहित  में लोक-लुभावन योजनाएं ला रही है. और योजनाओं के नाम पर सियासी जमीं पर अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हुई हैं. अभी हाल ही में  केंद्र सरकार की ओर से अंतरिम बजट पेश किया गया था. इस अंतरिम बजट में भी किसानहित में कई लोक-लुभावन योजनाओं की घोषाएं की गई थी. गौरतलब है कि बीते मंगलवार को तमिलनाडु की क्षेत्रीय पार्टी 'द्रमुक' ने अपने घोषणापत्र में छोटे और लघु किसानों के कृषि ऋण माफ करने का वादा करने के एक दिन बाद यानि बुधवार को कहा कि ‘राज्य के सभी वर्गों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा’. हालांकि फिर भी तमिलनाडु के किसान अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए केंद्र सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए बैठे है. इसके लिए उन्होंने दिल्ली में 140  दिनों का अनशन भी किया था.

गौरतलब है कि अपनी मांगों को लेकर राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक प्रदर्शन कर चुके तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली ) के किसान अब चुनावी समर में उतरने की तैयारी में हैं. इसके लिए वे वाराणसी लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश करेंगे. बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही से चुनाव से लड़ रहे है. पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तमिलनाडु के 111 किसान नामांकन दाखिल करेंगे. मीडिया में आई ख़बरों की मानें तो तमिलनाडु के किसान नेता पी अय्याकन्नू ने शनिवार को कहा कि राज्य के 111 किसान वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

“राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदियां जोड़ो किसान संगठन” के अध्यक्ष अय्याकन्नू ने कहा कि ' यूपी से चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि भाजपा से कहा जा सके कि वह अपने घोषणा-पत्र में इस बात को शामिल करे कि ‘फसल उत्पादों के लिए मुनाफे वाली कीमत’ सहित किसानों की अन्य मांगें पूरी की जाएंगी. अय्याकन्नू ने आगे बताया कि, ‘जिस क्षण वे अपने घोषणा-पत्र में सुनिश्चित करेंगे कि हमारी मांगें पूरी की जाएंगी, हम पीएम मोदी के खिलाफ लड़ने का अपना फैसला वापस ले लेंगे.’

अय्याकन्नू ने कहा कि चुनाव लड़ने के फैसले का हर जगह के किसानों और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने समर्थन किया है. उन्होंने आगे कहा कि, “तमिलनाडु से भाजपा के एकमात्र सांसद पौन राधाकृष्णन भी यदि यह वादा कर दें कि हमारी मांगों को घोषणा-पत्र में सम्मान मिलेगा तो हम अपने फैसले पर फिर से विचार कर सकते हैं.”

English Summary: Varanasi Lok Sabha seat against pm Modi, contest 111 farmers of Tamil Nadu
Published on: 25 March 2019, 12:59 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now