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Updated on: 17 July, 2026 9:25 AM IST

बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को अरण्य भवन, पटना में वाल्मीकि व्याघ्र संरक्षण फाउंडेशन/न्यास की शासी परिषद की सातवीं बैठक आयोजित हुई. बैठक में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, इकोटूरिज्म के विस्तार और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.

बैठक में मंत्री ने कहा कि वाल्मीकिनगर देश के महत्वपूर्ण जैव विविधता क्षेत्रों में शामिल है. यहां उपलब्ध औषधीय पौधों और वन संपदा के संरक्षण के साथ उनकी वैज्ञानिक पहचान एवं ब्रांडिंग के लिए विभाग एक समग्र कार्ययोजना तैयार करेगा. इससे क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है.

उन्होंने बताया कि वाल्मीकिनगर, गोवर्धना और मंगुराहा समेत आसपास के इकोटूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. इसके तहत बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सुविधाएं, कैंटीन, होमस्टे, मोबाइल नेटवर्क, निर्बाध बिजली, प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

मंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. साथ ही वन अधिकारियों और कर्मियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, गश्ती व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा इकोटूरिज्म गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सोमेश्वर पहाड़ क्षेत्र में रोपवे तथा गंडक नदी क्षेत्र में जल-आधारित पर्यटन विकसित करने की दिशा में भी विभाग कार्य कर रहा है.

बैठक में मंत्री ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या को राज्य की संरक्षण नीति की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में जहां रिजर्व में केवल 8 बाघ थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 54 हो गई है. पर्यटकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जो बिहार में इकोटूरिज्म के बढ़ते आकर्षण का संकेत है.

शासी परिषद ने निर्णय लिया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में संरक्षण, प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने, वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने और सतत इकोटूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कदम उठाए जाएंगे.

बैठक में वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार, विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, वित्त विभाग के विशेष सचिव राजीव कुमार श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा, उप निदेशक शिखर प्रधान, विकास अहलावत सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

English Summary: Valmiki tiger reserve to boost ecotourism and brand medicinal plants
Published on: 17 July 2026, 09:27 AM IST

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