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Updated on: 17 March, 2026 2:42 PM IST
डेयरी खोलने पर सरकार देगी 50% तक भारी सब्सिडी (Image Source-istockphoto)

किसानों के लिए सरकार कई सरकारी योजनाएं चला रही है, जिसका फायदा देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है. इसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य के साथ नंद बाबा दुग्ध मिशन (NBDM) के तहत विभिन्न योजनाओं को शुरु करके, ताकि इन सरकारी योजनाओं की मदद से किसानों की आय में इजाफा हो सकें. चलिए आइए आगे इस न्यूज में जानें इस योजना के बारे में सभी जानकारी विस्तारपूर्वक.

तीन प्रमुख योजनाएं: हर वर्ग के पशुपालक को लाभ

उत्तरप्रदेश सरकार ने डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख योजनाएं शुरु की हैं, जो अलग-अलग क्षमता वाले पशुपालाकों के लिए डिजाइन की गई है, जो इस प्रकार है-

1. पहली योजना “नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

पहली योजना “नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” उन पशुपालकों के लिए है, जो बड़े स्तर पर डेयरी यूनिट स्थापित करना चाहते हैं. साथ ही इस योजना के तहत 25 स्वदेशी गायों की डेयरी परियोजना लगाई जा सकती है. इसकी अनुमानित लागत करीब 62.5 लाख रुपये है, जिसमें सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है. इस योजना का फायदा बड़े निवेश वाले किसानों के लिए काफी फायदेमंद होता है.

2. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

यह सरकारी योजना छोटे और मध्यम पशुपालकों के लिए लागू की गई है. इसमें 10 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने का प्रावधान है. इस परियोजना की लागत लगभग 23.60 लाख रुपये है और इसमें भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी की राहत पा सकते हैं किसान.

3. मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना

“मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना” है, जो बहुत छोटे स्तर के पशुपालकों को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा लाई गई एक लाभकारी योजना है. इस सरकारी योजना में 2 गायों की परियोजना पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक 40 प्रतिशत सब्सिडी किसानों को मुहैया करवाई जाती है. अगर इस योजना का हिस्सा ग्रामीण गरीब और छोटे किसान बनते हैं तो वह डेयरी व्यवसाय मे अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं.

गाय की किन नस्लों पर मिलेगा अनुदान?

उत्तर प्रदेश सरकार ने इन तीनों योजन की शरुआत इस उद्देश्य के साथ की है, ताकि यूपी क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकें. इसके अलावा, किसान इन स्वदेशी उन्नत नस्ल गिर, साहीवाल, हरियाणा एवं थारपारकर नस्ल का चुनाव कर दूध यूनिट स्थापित करते हैं तो इन सरकारी योजना का लाभ उठाकर कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं.

कैसे करें आवेदन?

आवेदन ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप पर किये जायेगें परन्तु जब तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन का पोर्टल ऑनलाइन नहीं होता है तब तक पशुपालकों द्वारा आवेदन पत्र ऑफलाइन मोड में सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अथवा उप दुग्धशाला विकास अधिकारी के कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक द्वारा अथवा सीधे जमा किये जायेंगे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Uttar Pradesh Government will offer a substantial subsidy of up to 50 Percent for setting up a dairy farm
Published on: 17 March 2026, 02:47 PM IST

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