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Updated on: 19 May, 2026 3:18 PM IST
25 गायों तक की डेयरी यूनिट पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी की छूट (Image Source-AI generate)

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पशुपालकों को बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करने और स्वदेशी गोवंश सरक्षंण करने की दिशा में डेयरी मास्टर प्लान लागू किया है. बता दे कि इस प्लान को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने 'ऑपरेशन-4' रणनीति तैयार की है, जिसके तहत चार सरकारी योजनाओं को शुरु किया गया है, जिससे किसानों, ग्रामीण लोगों, पशुपालकों और महिलाओं को इन कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य रुप से लाभ मिलेगा, ताकि यह लोग इन स्कीम का फायदा उठाकर डेयरी व्यवसाय शुरु कर सकें और अचछी कमाई कर सकें.

इसके अलावा, सरकार ने इस मास्टर प्लान को इसलिए लागू किया है, ताकि लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें. साथ ही युवा और महिलाएं डेयरी सेक्टर से जुड़ तगड़ी कमाई कर सकें.

क्या है ‘ऑपरेशन-4’ रणनीति?

यूपी सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करने की दिशा में अहम कदम उठाया है. ‘ऑपरेशन-4’ रणनीति को लागू कर, जिसके तहत सरकार ने चार बेहद ही प्रमुख योजनाओं को शामिल किया है, जो कुछ इस प्रकार है-

  •  मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना

  •  मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना

  •  नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना

  •  मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना

साथ ही बता दे कि इन योजनाओं का मुख्य फोकस छोटे और मध्यम किसानों को डेयरी सेक्टर से जोड़कर उन्हें स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराना है, ताकि यह किसान आर्थिक रुप से मजबूत हो सकें.

कितनी मिलेगा अनुदान?

अगर राज्य के किसान इन सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते हैं, तो बढ़ा मुनाफा और दोगुना आमदनी अर्जित कर सकते हैं. इन योजनाओं के तहत किसानों को राज्य सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी की छूट दी जाएगी और इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी खासियत इसका वित्तीय मॉडल है, जो किसानों के लिए बेहद अनुकूल बनाया गया है. योजना के तहत-

  •  50% तक सरकारी सब्सिडी

  •  35% बैंक लोन

  •  केवल 15% लाभार्थी का निवेश

इसके अलावा, इस मॉडल के जरिए किसान 2 से लेकर 25 गायों तक की डेयरी यूनिट आसानी से स्थापित कर सकते हैं, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम हो सकता है.

(Image Source-AI generate)

छोटे पशुपालकों के लिए बड़ा अवसर

सरकार ने छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले पशुपालकों को विशेष राहत दी है-

छोटे पशुपालकों को 2 गायों की यूनिट पर अधिकतम ₹80,000 तक अनुदान इन सरकारी योजनाओं द्वारा प्रदान किया जा रहा है, शुरुआती निवेश कम, मुनाफे की संभावना अधिक बढ़ रही है. इसी के साथ बेहतर नस्ल की गाय पालने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए 10,000 से 15,000 रुपये तक का नकद इनाम भी दिया जा रहा है. यानी की किसानों को दुग्ध उत्पादन करने के प्रोत्साहित भी किया जा रहा है.

स्वदेशी नस्लों पर विशेष जोर

सरकार का फोकस विदेशी नस्लों की बजाय स्वदेशी गायों के संरक्षण और संवर्धन पर है. विशेष रूप से जिनमें इन नस्लों को विशेष रुप से शामिल किया है-

  • गिर

  • साहीवाल

  • गंगातीरी

साथ ही इन नस्लों को बढ़ावा देने से दूध उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है और यह कदम भारतीय पारंपरिक पशुपालन को पुनर्जीवित करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Uttar Pradesh Dairy Farming Subsidy Scheme Farmers get 50 percent support
Published on: 19 May 2026, 03:27 PM IST

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