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Updated on: 15 July, 2026 11:34 AM IST
डेयरी कारोबार शुरू करने का शानदार मौका (Image Source-AI generate)

अगर आप किसान है और आप खेती करने के साथ ऐसा कोई कारोबार खोलने की सोच रहे हैं, जिससे हर महीने अच्छी कमाई हो सकें. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना आपके लिए बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है. इस योजना के तहत सरकार किसानों पशुपालकों को 10 पशुओं की आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत तक, अधिकतम 11.80 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है. चलिए जानते हैं कौन उठा सकता है योजना का फायदा.

खेती के साथ डेयरी से होगी किसानों की डबल कमाई

आज के समय में केवल खेती पर निर्भर रहने से किसानों की आय मौसम और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर रहती है. ऐसे में डेयरी व्यवसाय किसानों को प्रतिदिन नकद आय उपलब्ध कराने का सबसे भरोसेमंद माध्यम बन सकता है. दूध की नियमित बिक्री से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और खेती में आने वाले खर्चों को पूरा करना भी आसान हो जाता है.

योजना में कितना मिलगा सब्सिडी का लाभ?

यूपी सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 पशुओं की डेयरी यूनिट स्थापित करने की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इस लागत में सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. शेष राशि की व्यवस्था इस प्रकार होगी-

  •  50% (₹11.80 लाख) – सरकारी अनुदान

  •  35% – बैंक ऋण

  •  15% – लाभार्थी का स्वयं का अंशदान

यदि कोई किसान बैंक से ऋण नहीं लेना चाहता, तो वह अपनी हिस्सेदारी स्वयं निवेश करके भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है.

स्वदेशी नस्लों को मिलेगा बढ़ावा

योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी दुधारू पशुओं को प्रोत्साहित करना भी है. इसलिए डेयरी यूनिट में गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी उच्च दूध उत्पादन क्षमता वाली भारतीय नस्लों को प्राथमिकता दी जाएगी. इन नस्लों की विशेषता यह है कि ये बेहतर गुणवत्ता वाला दूध देने के साथ-साथ भारतीय जलवायु के अनुकूल भी होती हैं. इससे पशुपालकों को लंबे समय तक अच्छा उत्पादन मिलने की संभावना रहती है.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

सरकार ने योजना के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं. आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास-

  •  पशुपालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए.

  •  अनुभव का प्रमाण मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा सत्यापित होना आवश्यक है.

  •  डेयरी शेड और हरे चारे की खेती के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होनी चाहिए.

  •  भूमि स्वयं की, पैतृक अथवा दीर्घकालीन पंजीकृत लीज पर हो सकती है.

इन शर्तों को पूरा करने वाले किसान और पशुपालक ही योजना के लिए पात्र माने जाएंगे.

महिलाओं को मिलेगी विशेष प्राथमिकता

सरकार इस योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहती है. इसलिए महिला आवेदकों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है. इससे महिलाएं अपने घर के पास ही डेयरी व्यवसाय संचालित कर सकेंगी और परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी.

पशुओं से जुड़ी जरूरी शर्तें

योजना के तहत खरीदे जाने वाले पशुओं के लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं-

  •  पशु प्रथम या द्वितीय ब्यात के होने चाहिए.

  •  सभी पशुओं का ईयर टैग लगाना अनिवार्य होगा.

  •  प्रत्येक पशु का बीमा कराना जरूरी होगा.

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पशुपालकों को भविष्य में किसी भी प्रकार के नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.

आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान और पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा जिला पशुपालन विभाग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या नजदीकी पशु चिकित्सालय से भी आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Uttar Pradesh Dairy Farming Subsidy 10 Animal Unit Eligibility Dairy Business
Published on: 15 July 2026, 11:42 AM IST

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