यूपी सरकार राज्य के लोगों के लिए कई सरकारी योजनाएं चला रही है. अभी हाल ही में राज्य सरकार ने पारंपरिक कारीगरों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत कारीगरों को सरकार प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट पर 10 दिन की ट्रेनिंग और ₹4500 तक आर्थिक सहायता प्रदान करेंगी, जिससे इन लोगों की कमाई में भी इजाफा होगा.
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना किसानों के लिए नहीं है. यह योजना सरकार ने कारीगरों के लिए विशेष रुप से शुरु की है, जिसके तहत इन लोगों को मुख्य रुप से योजना का लाभ मिलेगा-
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बढ़ई
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लोहार
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मोची, कुम्हार
इसके अलावा, अगर कोई किसान खेती-बाड़ी करने के साथ-साथ हस्तशिल्प या कारीगरी का काम करता है, तो वह इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकता है.
कितनी टूलकिट सहायता मिलेगी?
अगर आप कारीगर है और आपके हाथों में हस्तशिल्प कला का हुनर है. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही बता दें कि यूपी सरकार इस सरकारी योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण होने के बाद पात्र लाभार्थियों को 10 हजार रुपये तक की राशि प्रदान करेंगी, जिसकी मदद से कारीगर अपने करोबार के लिए टूल्स और मशीनें खरीद सकेंगे, जिससे उनकी लागत में कमी आएंगी और इनकम में इजाफा होने की संभावना बढ़ेगी.
कैसे करें योजना में अप्लाई?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और योजना में अप्लाई करना चाहते हैं तो इस सरकारी कल्याणकारी योजना में इसके आधिकारिक पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस सरकारी अनुदान का लाभ उठा कमाई में इजाफा कर सकते हैं. साथ ही आवेदकर्ता आवेदन करते दौरान आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र या पारंपरिक कारीगरी का प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक सभी तैयार रखें.
योजना में आवेदन की क्या है पात्रता?
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आवेदनकर्ता को यूपी का स्थाई निवासी होना बेहद जरुरी है तभी वह इस सरकारी योजना का फायदा उठा सकता है.
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आवेदनकर्ता की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है.
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इस योजना में आवेदन सिर्फ बढ़ई, लोहार, नाई, दर्जी, मोची, सुनार, कुम्हार व टोकरी बुनने वाले जैसे पारंपरिक कारीगर ही कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह