खेती-बाड़ी के साथ अब पशुपालन भी किसानों के लिए कमाई का एक बढ़िया जरिया बनता जा रहा है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को नई दिशा देने के लिए एक नई स्कीम की शुरुआत की है, जिसके तहत बकरी पालन Goat Farming करने वालों को दी जाएगी 90% तक की भारी सब्सिडी की छूट. यानी की साफ है. अगर आप बकरी पालन का छोटा यूनिट्स लगाते हैं, तो सिर्फ आपकी जेब से 10 % खर्च होगा और बाकी का मोटा खर्च सरकार खुद वहन करेंगी.
कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
अगर आप बकरी पालन का व्यवसाय शुरु करते हैं, तो बढ़िया आय अर्जित कर सकते हैं, क्योंकि यूपी सरकार ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के मकसद से किसानों को बकरी पालन करने पर दे रही है भारी अनुदान इस प्रकार-
अगर किसान या ग्रामीण इलाकों के लोग छोटे स्तर पर ही बकरी यूनिट लगाते हैं, तो 90% तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं. यानी की इस सरकारी मदद से उन लोगों को अधिक मददगार साबित होगी, जो कब से अपना खुद का करोबार करने की सोच रहे थें, लेकिन पैसों की कमी होने के कारण कारोबार की शुरुआत नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में यह योजना इन लोगों के लिए लाभकारी बन सकती है.
किन वर्गों के लोगों को मिलेगी विशेष छूट
यूपी सरकार इस सरकारी योजना के तहत इन वर्गों को विशेष लाभ देगी, जिनमें शामिल है अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) शामिल है, जिन्हें मुख्य रुप से छूट दी जाएगी. इसके अलावा, इस नई स्कीम में महिलाओं को विशेष रुप से प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि इस योजना के माध्यम से महिला खुद का व्यवसाय शुरु कर आत्मनिर्भर बन सकें.
ट्रेनिंग की सुविधा का मिलेगा फायदा
इस सरकारी योजना के तहत बकरी पालन करने वालों को सब्सिडी के साथ ट्रेनिंग की सुविधा भी दी जाएगी. यानी की इस नई स्कीम के जरिए पशुपालकों को प्रोफेशनल तरीके से यह सिखाया जाएगा. बकरी की देखभाल, सही डाइट प्लान, बिमारियों से बचाव इस तरह से पशुपालकों को विशेष रुप प्रॉपर प्रशिक्षण (Training) दी जाएगी, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े लोग इस स्कीम के जरिए बड़ा मुनाफा कमा कर आमदनी में इजाफा कर सकें.
कैसे करें अप्लाई?
अगर आप इस योजना में इच्छुक है और इस स्कीम के जरिए अनुदान का फायदा उठाकर अपना खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप अपने नजदीकी पशुपालन विभाग या संबंधित सरकारी कार्यालय में जाकर कर आवेदन सकते हैं और सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह