यूपी के मुरादाबाद जिले में खेती का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. पारंपरिक फसलों की जगह अब किसान भाई ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनकी बाजारों में डिमांड अधिक है. यानी की हाई-प्रॉफिट फसल और इन्हीं में एक है Dragon Fruit Cultivation ड्रैगन फ्रूट की खेती, जिसकी खेती कर कई किसानों की आर्थिक स्थिती में सुधार आया है. साथ ही इस फसल की खेती करने के लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ 60% सब्सिडी भी किसानों को मुहैया करा रही है.
क्यों बढ़ रहा है ड्रैगन फ्रूट की खेती का क्रेज?
ड्रैगन फ्रूट एक विदेशी फल माना जाता है, जो सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है, लेकिन अब भारत में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके चमत्कारी फायदों की वजह से ऐसे में किसान भाई इस फल की खेती करते हैं, तो बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिल सकती है, जिससे मुनाफे की संभावनाएं बढ़ सकती है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
खरीफ सीजन में किसान भाइयों ने इस फल की खेती करने का मन बना लिया है, तो ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करने में शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन सरकारी मदद से किसानों का बोझ कुछ हद तक कम हो सकता है.
बता दें कि उद्यान विभाग किसानों को कुल लागत का 60% तक अनुदान प्रदान कर रहा है. इससे किसान कम निवेश में बड़ा मुनाफा कमा पा रहे हैं. यह अनुदान किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बन गया है और इस मदद से लाखों किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं.
कैसे होती है ड्रैगन फ्रूट की खेती?
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली जमीन सबसे उपयुक्त मानी जाती है. इसमें पौधों को सहारा देने के लिए सीमेंट या लोहे के पोल लगाए जाते हैं, क्योंकि यह बेलदार पौधा होता है, ताकि पौधों की बढ़वार तेजी से होना शुरु हो जाए. साथ ही अगर किसान एक बार पौधे लगाते हैं, तो कई सालों तक उत्पादन पा सकते हैं. इसके अलाव, यह फसल कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम है, जिससे किसानों को बाजारों में इसकी कीमत 100–300 रुपये प्रति किलो तक मिल सकती है.
क्या है जरुरी दस्तावेज कैसे करें आवेदन?
अगर आप ड्रैगन फ्रूट की खेती करने में इच्छुक है और अनुदान का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास सबसे पहले इन दस्तावेजों- आधार कार्ड, खसरा और खतौनी, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण का होना बेहद ही जरुरी है. इसके बाद योजना में अप्लाई करने के लिए किसान अपने राज्य के बागवानी विभाग (Horticulture Department) की वेबसाइट या जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में आसानी से आवेदन कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह