अल नीनो और कमजोर मानसून की आशंका के बीच किसानों की कैसे मदद कर सकती है जायटॉनिक टेक्नोलॉजी? Nutrient Management in Natural Farming: प्राकृतिक खेती में पोषक तत्व प्रबंधन बदलते मौसम में बकरी पालन: पोषण एवं चारा प्रबंधन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 17 July, 2026 4:47 PM IST
दलहनी फसलों पर मुफ्त मिलेगी मिनी किट, मूंग-उड़द-अरहर के बीज पर 50% भारी अनुदान (Image Source-AI generate)

खरीफ सीजन काफी ऐसे किसान भाई है जो दलहनी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. इस दौरान किसानों के सामने सबसे बड़ी परेशानी आती है. मूंग-उड़द-अरहर के बीज की मिनी किट खरीद करने पर जिससे उनकी खेती की लागत अधिक हो जाती है और मुनाफे की संभावनाएं घट जाती है, लेकिन अब यह समस्या नहीं होगी यूपी सरकार लखीमपुर खीरी जिले के किसानों को दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रदान कर रही है  50% सब्सिडी.

क्यों फायदेमंद है दलहनी खेती?

मूंग, उड़द और अरहर जैसी दलहनी फसलें कई दृष्टि से किसानों के लिए लाभदायक हैं. इनकी खेती से किसानों को अच्छी आमदनी मिलने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होता है. इसके अलावा दलहनी फसलों की बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है. यानी की अगर किसान इस खरीफ सीजन दलहनी की खेती करते हैं, तो बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.

किसानों को क्या मिलेगा?

योजना के तहत पात्र किसानों को दो तरह का लाभ दिया जाएगा-

  • सबसे पहला लाभ मूंग, उड़द और अरहर की खेती के लिए निशुल्क मिनी किट प्रदान की जाएगी.

  • दूसरा लाभ प्रमाणित बीजों की खरीद पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मुहैया कराया जाएगा.

साथ ही इस योजना के तहत सीमांत किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराएं जाएंगे है, ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें और अधिक लाभ कमा सकें.

जिले को कितना मिला प्रमाणित बीज का कोटा?

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार खरीफ सीजन के लिए लखीमपुर खीरी जिले को पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया गया है. विभाग को लगभग-

  •  80 कुंतल उड़द बीज

  •  12 कुंतल मूंग बीज

  •  68 कुंतल अरहर बीज

प्राप्त हुए हैं. इन बीजों का वितरण कृषि विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा.

मुफ्त मिनी किट का लाभ किन किसानों को मिलेगा?

कृषि विभाग के अनुसार चयनित किसानों को मुफ्त मिनी किट भी वितरित की जाएगी. इस मिनी किट में दलहनी फसलों की खेती शुरू करने के लिए आवश्यक बीज उपलब्ध कराए जाएंगे. इसका उद्देश्य उन किसानों को प्रोत्साहित करना है जो पहली बार मूंग, उड़द या अरहर की खेती करना चाहते हैं. सरकार की इस पहल से किसानों को बिना अतिरिक्त खर्च के नई फसल अपनाने का अवसर मिलेगा और वे दलहनी खेती के फायदे समझ सकेंगे.

आवेदन करना होगा अनिवार्य

अगर आप किसान है और इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले इस योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना बेहद ही जरुरी है. वहीं, कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसी भी किसान को बीज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. 

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

योजना में आवेदन करने के लिए किसानों को उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के दर्शन-1 पोर्टल agriculture.up.gov.in  पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा. आवेदन के दौरान आवश्यक कृषि एवं व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी. आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही किसान बीज वितरण के लिए पात्र होंगे.

कृषि विभाग किसानों से अपील कर रहा है कि अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: UP Farmers Free Mini Kits 50 Percent Subsidy Moong Urad Arhar Seeds
Published on: 17 July 2026, 04:55 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now