यूपी सरकार ने राज्य के मक्का किसानों को राहत की खबर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद पर मंजूरी मिल गई है, जिससे राज्य के किसानों को घाटे का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दे कि सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और खरीद अभियान 15 जून 2026 से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक चलेगा. दिया गया है.
कितने जिलों में स्थापित होंगे 150 खरीद केंद्र
राज्य सरकार ने मक्का खरीद के लिए प्रदेश के 25 प्रमुख उत्पादक जिलों का चयन किया है. इन जिलों में कुल 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसान अपनी उपज सीधे बेच सकेंगे. साथ ही सरकार ने इस वर्ष 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की संख्या और आवश्यकता के अनुसार खरीद व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए.
कैसे होगी मक्का की खरीद?
मक्का बेचने वाले किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. इनमें कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, आधार कार्ड तथा फोटोयुक्त पहचान पत्र शामिल हैं. इसके साथ ही किसानों की भूमि और बोए गए क्षेत्र का सत्यापन भूलेख पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा. सरकार का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और केवल वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा. इस व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी आसान होगी.
किसानों को कैसे मिलेगी भुगतान राशि?
किसानों को भुगतान में देरी न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्था की है. खरीद एजेंसियां किसानों से खरीदे गए मक्का का भुगतान पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजेंगी. भुगतान केवल आधार से जुड़े और एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में किया जाएगा. सरकार ने लक्ष्य रखा है कि खरीद के बाद किसानों को अधिकतम 48 घंटे के भीतर भुगतान मिल जाए.
किन जिलों में स्थापित होगें खरीद केंद्र
यूपी सरकार ने मक्का खरीद केंद्र इन जिलों में स्थापित किए है, जिनमें है- आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, गोंडा, बलिया, फतेहपुर और मिर्जापुर में बनाए जाएंगे.
लेखक: रवीना सिंह