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Updated on: 7 July, 2026 12:10 PM IST
75 जिलों में पशुधन बीमा योजना को मिली मंजूरी (Image Source-shutterstock)

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों, पशुपालकों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए.  सोमवार के  दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई. इन फैसलों में सबसे अहम निर्णय पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने की मंजूरी दी गई.

पशुपालकों को क्या होगा लाभ?

राज्य सरकार की नई पशुधन बीमा योजना का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को प्राकृतिक आपदा, बीमारी, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक घटनाओं के कारण पशुओं की मृत्यु से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन लाखों परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है. ऐसे में किसी दुधारू पशु या कार्यशील पशु की मृत्यु परिवार की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है. नई योजना इस जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. 

इसके अलावा, यह योजना विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों, डेयरी संचालकों और छोटे पशुपालकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. सरकार चाहती है कि पशुपालन को सुरक्षित और लाभकारी व्यवसाय बनाया जाए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.

यूपी सरकार किसानों को कितना प्रीमियम देगी?

इस योजना के तहत पशुओं के बीमा प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा सरकार वहन करेगी. कुल प्रीमियम में 51 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार, 34 प्रतिशत राज्य सरकार और केवल 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी पशुपालक को देनी होगी. इस तरह किसानों पर आर्थिक बोझ काफी कम रहेगा और अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे.

साथ ही बता दे कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के संचालन हेतु 60 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. इससे प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर पशुधन बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया है.

किन पशुओं को मिलेगा बीमा लाभ?

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत कई प्रकार के पशुओं को शामिल किया गया है. इनमें गाय, भैंस, बैल, घोड़ा, खच्चर, गधा, भेड़ और बकरी शामिल हैं. सरकार ने विभिन्न पशुओं के लिए मानक बीमा मूल्य भी तय किए हैं ताकि क्षति की स्थिति में पारदर्शी और समयबद्ध मुआवजा दिया जा सके.

योजना के अनुसार मुर्रा नस्ल की भैंस का बीमा मूल्य 75 हजार रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं विदेशी और उन्नत नस्ल की गायों का बीमा मूल्य 50 हजार से 65 हजार रुपये तक रखा गया है. अन्य पशुओं के लिए भी उनकी श्रेणी और उपयोगिता के अनुसार बीमा राशि तय की जाएगी.

पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि बीमा सुरक्षा मिलने से पशुपालकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आधुनिक डेयरी एवं पशुपालन गतिविधियों में अधिक निवेश कर सकेंगे. साथ ही पशुओं की बेहतर देखभाल, नस्ल सुधार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी. सरकार पहले से ही गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और पशुधन संरक्षण के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ इस नई योजना से और अधिक प्रभावी होगा.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Up Cabinet Livestock Insurance Scheme Pashudhan Bima Yojana all 75 Districts Up Government Expands
Published on: 07 July 2026, 12:15 PM IST

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