संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मंगलवार को सांसदों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण सुनिश्चित करने और कृषि को टिकाऊ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ऐसी नीतियों पर कार्य कर रही है, जिससे किसान पारंपरिक और संसाधन-गहन खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी और संतुलित कृषि व्यवस्था की ओर अग्रसर हों।
तंबाकू से मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव : केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि तंबाकू उत्पादक क्षेत्रों में किसानों को वैकल्पिक फसलों और आजीविका के साधनों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। तंबाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को मिलेट्स, दलहन, तिलहन, बागवानी और पशुपालन जैसी गतिविधियों से जोड़ रही हैं, ताकि उनकी आय के स्रोत विविध हों और वे सुरक्षित व स्थायी खेती की ओर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन पूरी तरह चरणबद्ध और स्वैच्छिक है, जिससे किसानों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव न पड़े।
परंपरागत फसल का तैयार कर रहे बढ़िया विकल्प : इसके साथ ही केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने हरित क्रांति से प्रभावित उन राज्यों का उल्लेख किया, जहां बड़े पैमाने पर गेहूं और धान जैसी अधिक पानी खपत वाली फसलें उगाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना के तहत ऐसे लगभग 10 प्रमुख राज्यों में फसल विविधीकरण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियां अनुकूल हैं, वहां किसानों को कपास, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे पानी का संतुलित उपयोग हो सके और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो।
कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और भविष्योन्मुखी बनाएंगे : केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल फसल परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के लिए स्थायी आय, बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन की पूरी व्यवस्था विकसित करना है। इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, बाजार संपर्क और प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से कृषि क्षेत्र अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और भविष्य उन्मुख बनेगा। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। फसल विविधीकरण के माध्यम से हम न केवल किसानों की आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि जल संरक्षण और जनस्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को भी साध रहे हैं। आने वाले समय में यह बदलाव भारतीय कृषि को नई दिशा देगा।