Sugarcane Farming Tips: वैज्ञानिक ढंग से गन्ने की खेती कर बढ़ाएं उत्पादन Budget 2026: बजट की बही में कहां हैं किसान? खेतों की कराह और दिल्ली की चुप्पी! PM Kisan Scheme: 22वीं किस्त पर संकट, इन किसानों को नहीं मिलेंगे 2000 रुपये, कहीं आप भी तो नहीं शामिल? Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 1 February, 2026 3:01 PM IST
Budget 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए 10 बड़े ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में संघ बजट 2026-27 पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है. यह बजट मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट है और पहली बार रविवार को प्रस्तुत किया गया. 53.5 लाख करोड़ रुपये के इस बजट का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करना है. बजट में आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने और गरीबी कम करने पर विशेष जोर दिया गया है. युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार योजनाओं, महिलाओं के लिए सशक्तिकरण व उद्यमिता समर्थन तथा किसानों के लिए आय बढ़ाने, कृषि अवसंरचना और तकनीक पर निवेश की घोषणाएं की गई हैं. साथ ही वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए वित्तीय स्थिरता और सुधारों पर भी ध्यान दिया गया है.

मंत्रालयों का आवंटन: परिवहन और रक्षा पर सबसे बड़ा दांव

बजट 2026-27 में सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है. वित्त मंत्री ने अवसंरचना और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. परिवहन मंत्रालय को इस साल सबसे अधिक 5,98,520 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो देश की रसद (logistics) लागत कम करने और कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है. रक्षा मंत्रालय दूसरे स्थान पर रहा, जिसे 5,94,585 करोड़ रुपये मिले हैं.

मंत्रालयों के अनुसार आवंटन की सूची इस प्रकार है:

  • परिवहन: ₹5,98,520 करोड़

  • रक्षा: ₹5,94,585 करोड़

  • ग्रामीण विकास: ₹2,73,108 करोड़

  • गृह मंत्रालय: ₹2,55,234 करोड़

  • कृषि: ₹1,62,671 करोड़

  • शिक्षा: ₹1,39,289 करोड़

  • ऊर्जा: ₹1,09,029 करोड़

  • स्वास्थ्य: ₹1,04,599 करोड़

  • शहरी विकास: ₹85,522 करोड़

  • आईटी और टेलीकॉम: ₹74,560 करोड़

रक्षा क्षेत्र: आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता

रक्षा क्षेत्र के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. कुल आवंटित 7.8 लाख करोड़ रुपये (पेंशन सहित अनुमानित) में से 2.1 लाख करोड़ रुपये विशेष रूप से सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए रखे गए हैं. सरकार का लक्ष्य घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देना है. राफेल फाइटर जेट्स, नई पनडुब्बियों और अत्याधुनिक UAV ड्रोन के सौदे इस बजट के माध्यम से पाइपलाइन में हैं, जो भारत की सामरिक शक्ति को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेंगे.

इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे: भविष्य की गति

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बजट का दिल माना जा सकता है. ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश भारत की सड़कों, पुलों और रेलवे की सूरत बदल देगा.

  1. हाई-स्पीड रेल: सरकार ने मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे व्यस्त रूटों पर 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है.

  2. जलमार्गों का विकास: परिवहन लागत को न्यूनतम करने के लिए 20 नए अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) विकसित किए जाएंगे, जिससे माल ढुलाई सुगम होगी.

इनकम टैक्स और मध्यम वर्ग: सरलता का नया युग

मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए सबसे बड़ी घोषणा "नया इनकम टैक्स एक्ट 2025" है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा. इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य जटिल टैक्स प्रक्रियाओं को खत्म करना है.

  • टैक्स स्लैब: दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है.

  • TCS में बड़ी राहत: विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजे जाने वाले धन पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जो मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है.

स्वास्थ्य और आयुर्वेद: एक स्वस्थ भारत का संकल्प

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक चिकित्सा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है.

  • आयुर्वेद संस्थान: आयुर्वेद को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए तीन नए 'ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद' स्थापित किए जाएंगे. जामनगर में एक समर्पित रिसर्च सेंटर आयुर्वेद के वैज्ञानिक पक्ष को मजबूत करेगा.

  • जिला अस्पतालों का अपग्रेडेशन: जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और इमरजेंसी सेवाओं की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही, महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा एक क्रांतिकारी कदम है.

कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन: किसानों की आय दोगुनी करने का विजन

कृषि क्षेत्र के लिए बजट 2026-27 तकनीक और विविधीकरण (Diversification) पर केंद्रित है.

  1. पशुपालन और डेयरी: सरकार लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी के माध्यम से निजी क्षेत्र को डेयरी, पोल्ट्री और ब्रीडिंग सुविधाओं में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी.

  2. मत्स्य पालन: 'नीली क्रांति' को गति देते हुए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा. महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों को 'FISH FPO' से जोड़कर उनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी.

  3. उच्च मूल्य वाली कृषि: सैंडलवुड (चंदन) की खेती और फसल के बाद की प्रोसेसिंग पर विशेष जोर दिया गया है ताकि किसान पारंपरिक फसलों के अलावा मूल्यवान फसलों से अधिक लाभ कमा सकें.

डिजिटल कृषि: 'भारत-विस्टार' और AI तकनीक

खेती को स्मार्ट बनाने के लिए 'AgriStack' पोर्टल और ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के पैकेजों को एकीकृत किया गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम की भविष्यवाणी और कीट नियंत्रण की सटीक जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलेगी.

लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण

महिलाओं को 'एंटरप्राइज ओनर' बनाने के लिए 'लखपति दीदी' कार्यक्रम का विस्तार किया गया है. अब महिलाएं केवल स्वयं सहायता समूहों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि 'सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट' के माध्यम से सीधे बाजार से जुड़ेंगी. सरकार इन मार्ट्स के लिए विशेष वित्तीय सहायता और नवाचार आधारित फंडिंग प्रदान करेगी.

सहकारी समितियों और मत्स्य व्यापार में टैक्स राहत

सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए नई टैक्स व्यवस्था में लाभांश (Dividend) को कटौती के रूप में शामिल करने की अनुमति दी गई है. साथ ही, गहरे समुद्र (High Seas) में पकड़ी गई मछलियों को ड्यूटी-फ्री कर दिया गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और निर्यातकों को सीधा लाभ होगा.

English Summary: union budget 2026 benefits for middle class and farmers
Published on: 01 February 2026, 03:13 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now