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Updated on: 16 January, 2026 6:30 PM IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए सीड एक्ट का ऐलान किया (Image Source- Pib)

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज मीडिया से बात करते हुए नए सीड एक्ट (Seed Act 2026) की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है.

हर बीज की पूरी कहानी अब किसानों तक पहुँचेगी”

मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी (Traceability) की व्यवस्था स्थापित की जाएगी. उन्होंने बताया, “हमने कोशिश की है कि ऐसा सिस्टम बने, जिसमें यह पूरा पता चल सके कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा.” हर बीज पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगा कि वह बीज कहां से आया है. इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी.

अब घटिया बीज सिस्टम में आएंगे ही नहीं”

कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जैसे ही ट्रेसिबिलिटी लागू होगी, नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत हो जाएगी. उन्होंने कहा, “खराब बीज आएंगे ही नहीं, और अगर आएंगे तो पकड़े जाएंगे. जिसने खराब बीज दिया, उसे दंड दिया जाएगा.” इससे किसानों को भ्रमित करने वाली कंपनियों और डीलरों की मनमानी पर लगाम लगेगी.

बीज कंपनियों का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य”

चौहान ने कहा कि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है. उन्होंने कहा, “पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा.” इससे बाजार में फर्जी कंपनियाँ खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा.

परंपरागत बीजों पर कोई पाबंदी नहीं”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस भ्रम को दूर किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर रोक लगाएगा. उन्होंने स्पष्ट कहा, “किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसान को बीज दे सकते हैं. स्थानीय स्तर पर जो परंपरागत बीज विनिमय की परंपरा है, वो जारी रहेगी. इसमें कोई दिक्कत नहीं है.” उन्होंने उदाहरण दिया कि ग्रामीण इलाकों में बोनी के समय किसान आपस में बीज लेते–देते हैं और बाद में उसे सवा गुना वापिस कर देते हैं, यह पारंपरिक प्रणाली आगे भी जारी रहेगी.

"अब घटिया बीज बेचने वालों को 30 लाख तक जुर्माना और सजा”

शिवराज सिंह ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.  चौहान ने कहा, “अभी तक 500 रुपये तक का जुर्माना था, अब प्रस्ताव है कि 30 लाख रुपये तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है.” उन्होंने कहा कि सब कंपनियां खराब नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

“ICAR और देसी कंपनियां रहेंगी मैदान में मजबूत”

कृषि मंत्री  शिवराज सिंह ने कहा कि सीड एक्ट में तीनों स्तर पर प्रावधान किए गए हैं- सार्वजनिक क्षेत्र (ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVKs), देसी कंपनियां जो उच्च गुणवत्ता के बीज बनाती हैं, विदेशी बीजों के लिए उचित मूल्यांकन व्यवस्था.उन्होंने कहा, “विदेश से आने वाले बीज पूरी तरह जांच और मूल्यांकन के बाद ही स्वीकृत होंगे. हमारे सार्वजनिक और देसी निजी क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा ताकि किसानों तक अच्छे बीज पहुंचें.”

किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान”

किसानों में अवेयरनेस की कमी पर पूछे गए सवाल पर  चौहान ने कहा, “हमने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ जैसे प्रयास शुरू किए हैं ताकि वैज्ञानिक, अधिकारी और प्रगतिशील किसान गांवों तक जाकर किसानों को अवेयर कर सकें.” उन्होंने बताया कि देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) किसानों को बीजों की गुणवत्ता, बीज चयन और शिकायत निवारण की जानकारी देने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

नकली बीज बेचने वालों पर सख्त सजा”

केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि अब यदि कोई जानबूझकर घटिया बीज तैयार करेगा या बेचेगा, तो उसके खिलाफ 3 साल तक की जेल और 30 लाख तक का जुर्माना संभव है. उन्होंने कहा, “पहले यह मामला कमजोर था, अब हम इसे प्रभावी बना रहे हैं ताकि किसान को न्याय मिले.”

“1966 का पुराना कानून अब होगा आधुनिक”

उन्होंने कहा कि 1966 का सीड एक्ट पुराने समय का था जब न तकनीक थी न डेटा. अब हम एक आधुनिक कानून ला रहे हैं, जो ट्रेसिबिलिटी, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही के सिद्धांत पर आधारित है ताकि भविष्य में कोई भी किसान ठगा न जाए.

"राज्य सरकारों के अधिकार रहेंगे यथावत”

इस सवाल पर कि कुछ लोगों ने यह आशंका जताई थी कि नया कानून राज्यों के अधिकार घटा देगा, इस पर कृषि मंत्री  शिवराज सिंह ने साफ कहा, “कृषि राज्य का विषय है. राज्य सरकारों के अधिकार वैसे ही बने रहेंगे. केंद्र केवल समन्वय करेगा और राज्यों के सहयोग से यह कानून लागू होगा.”

हमारा लक्ष्य- हर किसान को सही बीज”

चौहान ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि हर किसान को गुणवत्तापूर्ण बीज मिले. अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहन और गलत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, यही इस कानून का सार है.” उन्होंने कहा कि सीड एक्ट 2026 के माध्यम से सरकार हर किसान को सुरक्षित, भरोसेमंद और उत्पादक बीज उपलब्ध कराने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठा रही है.

English Summary: Union Agriculture Minister Shri Shivraj Singh Chouhan proposed strict penalties including fines up to Rs 30 lakh those selling substandard seeds
Published on: 16 January 2026, 06:47 PM IST

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