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Updated on: 7 March, 2026 5:49 PM IST
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • नारियल किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन, प्रोसेसिंग और इंटरक्रॉपिंग पर जोर: शिवराज सिंह चौहान

  • नारियल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से केंद्रीय कृषि मंत्री की चर्चा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा नारियल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक महत्वपूर्ण पोस्ट बजट संवाद में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने नारियल क्षेत्र के विकास, उत्पादन वृद्धि तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

अपने संबोधन में चौहान ने कहा कि जब भी वे तमिलनाडु की पवित्र धरती पर आते हैं, उनका मन आनंद और उत्साह से भर जाता है। उन्होंने तमिलनाडु की महान जनता, समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों को नमन किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु देश में नारियल उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है। देश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख किसान नारियल की खेती से जुड़े हैं, जबकि करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नारियल किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बाग लगभग 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादकता में कमी आई है। साथ ही रूट विल्ट और व्हाइट फ्लाई जैसी बीमारियाँ भी उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं।

चौहान ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई, उन्नत और रोग-प्रतिरोधी नारियल किस्मों के विकास पर जोर दिया जाएगा, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो सके तथा भारत वैश्विक स्तर पर नारियल निर्यात में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा की जा रही है, ताकि मिलकर व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि नारियल किसानों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इसके तहत पुराने बागों के स्थान पर नए बागों की स्थापना, गुणवत्तापूर्ण नर्सरी का विकास, आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाओं की उपलब्धता तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए किसानों और राज्य सरकारों के साथ परामर्श जारी है। चर्चा के उपरांत नारियल संवर्धन बोर्ड की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से विशेष रूप से तमिलनाडु के लगभग 28 प्रतिशत किसानों को लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान चौहान ने भारत की भाषाई विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की क्षेत्रीय भाषाएँ अत्यंत समृद्ध और सुंदर हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि संवाद अपनी-अपनी मातृभाषाओं में किया जा सकता है और आवश्यकता होने पर अनुवादक की सहायता ली जा सकती है। इससे देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता दोनों का सुंदर प्रतिबिंब सामने आएगा।

English Summary: Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan post-budget interaction with coconut farmers and stakeholders in Chennai
Published on: 07 March 2026, 05:54 PM IST

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