Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 16 May, 2026 4:53 PM IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कार्यों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की विस्तृत समीक्षा

  • इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय भी बढ़ाएंगे और धरती माँ को भी बचाएंगे- केंद्रीय मंत्री

  • भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी पेशा बनाने के लिए करेंगे हरसंभव प्रयास-  शिवराज सिंह चौहान

  • कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन और भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार स्तंभ- केंद्रीय कृषि मंत्री

आज सफदरजंग रोड स्थित उनके कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक तथा डेयर सचिव डॉ एम एल जाट ने केंद्रीय कृषि मंत्री को देशभर में आईसीएआर के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया तथा बताया कि भारतीय कृषि एवं किसान बहनों-भाइयों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए परिषद किस प्रकार कार्य कर रही है।

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि हमारी सम्पूर्ण कोशिश और ऊर्जा इस दिशा में केंद्रित होनी चाहिए कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसान बहन-भाइयों को इसे व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा सतत कृषि (सस्टेनेबल फार्मिंग) को मजबूती मिलेगी।

चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक कृषि आज समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्वभर में जलवायु परिवर्तन की समस्या अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगी है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों की कृषि-जलवायु (एग्रो-क्लाइमेटिक) परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में राज्यों की सहमति से तेजी से कार्य किया जाए।

अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम एवं राजस्थान जैसे राज्यों के अनुरोध पर इस दिशा में कार्य प्रगति पर है तथा शीघ्र ही इन राज्यों का स्वतंत्र कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा।

आईसीएआर की कार्ययोजना पर संतोष प्रकट करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने और अधिक ऊर्जा और उत्साह से अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए जिससे समयपूर्व लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

English Summary: Union Agriculture Minister Chairs Icar Expenditure-finance committee meeting
Published on: 16 May 2026, 04:57 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now