Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 23 July, 2024 5:08 PM IST
दीनगढ़ में किया गया गुलाबी लट प्रबंधन पर प्रशिक्षण

चक 1 एएमपी, दीनगढ़ में गुलाबी लट पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि डॉ योगेश कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) ने कहा कि गुलाबी लट के लिये अब आवश्यकता है कि नियमित रुप से फेरामोन ट्रेप, रोजिट फुल तथा नरमा के टिण्डों का निरीक्षण करें. आवश्यकता होने पर समय पर सही स्प्रे का चयन कर स्प्रे की उचित मात्रा का प्रयोग करें.  

कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ अनूप कुमार ने उपस्थित किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र संगरिया, केन्द्रीय कपास अनुसंधान केन्द्र, सिरसा तथा राशि सीड्स प्रा.लि. के सहयोग से चलाये जा रहे 10 एकड़ के प्रदर्शन स्पलेट एपलिकेशन तकनीक के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये किसानों से कहा कि इस तकनीक को ठीक से समझ कर किसान अपनायें.

केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ चन्द्रशेखर शर्मा ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य के बारे में जागरुक करते हुए नरमा खरपतवार प्रबंधन, उर्वरक प्रबंधन और जल प्रबंधन तकनीकों से अवगत करवाते हुए प्रयोग करने की सलाह प्रदान की.

केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, सिरसा के वैज्ञानिक डॉ देवाशीष ने कपास पर देश में चल रहे अनुसंधानों की जानकारी देते हुये केन्द्रीय कपास अनुसंधान केन्द्र द्वारा जारी देशी कपास, अमेरिकन कपास तथा बीटी नरमा की संकर किस्मों की जानकारी प्रदान की. कृषि विज्ञान केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डॉ. उमेश कुमार ने कृषकों को गुलाबी लट, सफेद मक्खी तथा अन्य हानिकारक कीटों के जीवन चक्र, उनकी पहचान, आर्थिक नुकसान स्तर तथा प्रबंधन की विस्तार पूर्वक जानकारी दी.

परियोजना निदेशक आत्मा सुभाष डूडी ने किसानों को आत्मा योजना में संचालित योजना की जानकारी देते हुए किसानों को लाभ उठाने के लिये कहा. राशि सीड्स प्रा.लि. के डॉ इन्द्र सिंह कम्बोज ने किसानों की बीटी हाईब्रिड की जानकारी प्रदान की. यह कार्यक्रम केन्द्रीय कपास अनुसंधान केन्द्र, सिरसा, कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया तथा राशि सीड्स के सहयोग से चलाया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में 80 किसानों ने भाग लिया.

English Summary: Training on pink braid management done in Dingarh
Published on: 23 July 2024, 05:11 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now