Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 17 July, 2020 8:07 AM IST

प्रवासी मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु "नर्सरी प्रबंधन से रोजगार के अवसर विषय" पर तीन दिवसीय दक्षता विकास प्रशिक्षण प्रधान मंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना 2020 के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, खरगोन (म. प्र.) द्वारा दिनाँक 13 से 15 जुलाई 2020 को आयोजित किया. इस प्रशिक्षण में एस. के. त्यागी, वैज्ञानिक (उद्यान विज्ञान) कृषि विज्ञान केन्द्र, खरगोन द्वारा नर्सरी में सब्जियों की पौध एवं फल वृक्षों के पौधे तैयार करने की विधि पर प्रशिक्षण दिया.

डॉ जी. एस. कुल्मी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख द्वारा नर्सरी में  खरपतवार प्रबन्धन पर प्रशिक्षण दिया एवं डॉ आर. के. सिंह द्वारा नर्सरी में तैयार पौध की बाजार प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया. इस प्रशिक्षण में 35 प्रवासी  मजदूरों ने भाग लिया. प्रशिक्षण उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गए.

 

लेखक
एस. के. त्यागी
वैज्ञानिक (उद्यान विज्ञान) कृषि विज्ञान केन्द्र, खरगोन

English Summary: Three day skill development training program completed
Published on: 17 July 2020, 08:09 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now