समस्तीपुर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में आयोजित किसान मेला में वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक लगातार शोध और नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। किसानों और वैज्ञानिकों के बीच बेहतर संवाद से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।
मंच से संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीकों को खेतों तक पहुंचाना समय की जरूरत है। किसान और वैज्ञानिक मिलकर खेती से जुड़ी चुनौतियों का सामना करेंगे तथा बिहार की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसान मेला किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच है। किसानों और बागवानों से अपील की गई कि वे मेले में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का अवश्य अवलोकन करें और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें।
जानकारी के अनुसार, मेले में अब तक लगभग तीन हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। यह तीन दिवसीय आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में किसान भाग ले रहे हैं। मेले में लगभग 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि की आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों, कृषि यंत्रों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
मेले में उपस्थित वैज्ञानिक और विशेषज्ञ किसानों को खेती से संबंधित नवीनतम तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं। वक्ताओं ने किसानों से अपील की कि वे इस कृषि उत्सव का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और नई जानकारी को अपने खेतों तक पहुंचाएं।
वक्ताओं ने अंत में किसान मेला की सफलता की कामना करते हुए किसानों से खेती में नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
रिपोर्ट : रामजी कुमार FTJ बिहार।