आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में पोस्ट बजट वेबिनार के तीसरे सत्र का आयोजन ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ के विषय पर किया गया। इस वेबिनार का उद्देश्य बजट में घोषित योजनाओं को अमल में लाने पर चर्चा के साथ इन विषयों पर लोगों का सुझाव लेना था जिससे इन्हें जमीन पर सफलतापूर्वक उतारा जा सके। वेबिनार के समापन सत्र को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अद्भुत सोच है कि ऐसे वेबिनार से लाखों आम लोगों को भी जोड़ा जाता है।
उन्होंने कहा कि ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ के विषय पर आयोजित आज के विमर्श में व्यापक और गंभीर चर्चा हुई है। कृषि के दृष्टिकोण से यदि देखा जाए तो नारियल, काजू आदि फसलों के उत्पादन को बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए बुआई क्षेत्र का विस्तार करना होगा और उत्पादकता भी बढ़ानी होगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्वच्छ एवं रोगमुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही खेती की लागत कम करने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और कृषि निर्यात को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकताएं हैं। निर्यात की दृष्टि से गुणवत्ता युक्त खाद्य उत्पादों और मूल्य संवर्धन पर विशेष बल देने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना होगा तथा इंटरक्रॉपिंग को अपनाने पर जोर देना होगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में अधिकांश किसानों के पास खेती की जो भूमि है उसका जोत आकार बहुत छोटा है, जिसके कारण उनकी आय अपेक्षाकृत कम रहती है। इस स्थिति में एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना आवश्यक है। खेती के साथ-साथ पशुपालन और वृक्ष आधारित कृषि की दिशा में भी हमें आगे बढ़ना होगा।
चौहान ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे किसान अपने उत्पाद को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि “SHE MART” की स्थापना पर भी हमारा विशेष ध्यान है। इस दिशा में अब प्रत्येक जिले में एक SHE MART स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे हमने 15 महीने पहले ही हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 करोड़ नई “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य को भी समय रहते हासिल कर लेंगे। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में कृषि मंत्री ने वेबिनार से जुड़ने के लिए सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस सत्र के आगे भी यदि किसी व्यक्ति के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबंधित कोई सुझाव हो तो वह अवश्य दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं के उचित और सफल क्रियान्वयन से “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।
वहीं, वेबिनार के समापन सत्र को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने भी संबोधित किया और अपने विभाग की उपलब्धियों तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की।
वेबिनार के समापन सत्र में कृषि विभाग के साथ मत्स्यपालन, पशुपालन विभाग के साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव द्वारा प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इसमें बजट में रेखांकित चीजों पर तेजी से अमल करने की दिशा में कार्य करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
इससे पहले बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वेबिनार को आज सुबह संबोधित करके इसकी शुरुआत की। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बजट के बाद यह एक महत्वपूर्ण अभ्यास है। इसकी मदद से लोगों के सुझाव के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार और देश के दीर्घकालिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
मोदी ने 'पीएम किसान सम्मान निधि' और 'न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)' जैसे कई कार्यक्रमों पर बल दिया, जिनसे किसानों को डेढ़ गुना लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है।
मौजूदा योजनाओं की सफलता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के बीमा दावों का निपटारा किया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की शुरुआत के साथ ही कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा डालने का आह्वान किया। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इस दिशा में किए गए नए प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि वेबिनार की चर्चाओं से बजट प्रावधानों के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस वेबिनार में हुई चर्चा और उससे प्राप्त सुझाव जमीनी स्तर पर बजट प्रावधानों को यथाशीघ्र लागू करने में सहायक साबित होंगे।