Success Story: रासायनिक खेती का खर्च घटाकर जैविक खेती की ओर बढ़े वीरेंद्र सिंह, जायडेक्स की जायटॉनिक टेक्नोलॉजी से गेहूं की खेती में मिला फायदा बिहार में बदलेगी बागवानी की तस्वीर! वैज्ञानिकों ने उगाया एवोकाडो, ₹1500 किलो तक बिकता है फल Success Story: बैंगनी धान और गेहूं की खेती से किसानों की बदली तक़दीर, प्रति हेक्टेयर हो रही 1,60,000 रुपये तक की आमदनी! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 7 September, 2026 5:04 PM IST
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आज कृषि अनुसंधान, खाद्य सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इसी दिशा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज कृषि भवन, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के महानिदेशक डॉ. सिमोन हेक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की. ​इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट और उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थापित हो रहे सीसार्क (CSARC) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे. बैठक में आगरा स्थित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की प्रगति, आधुनिक ब्रीडिंग तकनीकों, उन्नत जर्मप्लाज्म और किसानों की आय वृद्धि से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर विस्तृत व सकारात्मक चर्चा हुई. 

​केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विजन अत्यंत व्यापक है. उन्होंने रेखांकित किया कि हमारा लक्ष्य केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि हम इस साझेदारी और समन्वय के जरिए पूरी दुनिया की भलाई और वैश्विक आबादी के हित में काम करना चाहते हैं. अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र जैसी वैश्विक संस्थाएं इस वैश्विक सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. 

​केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक के दौरान एक स्पष्ट सुझाव देते हुए कहा कि ICAR और CIP के कार्यों में किसी भी प्रकार का दोहराव नहीं होना चाहिए. दोनों संस्थाओं के बीच कार्य का स्पष्ट विभाजन हो ताकि संसाधनों की बर्बादी न हो और कुछ नया व अनूठा नवाचार निकलकर सामने आए. उन्होंने जोर दिया कि आगरा केंद्र के माध्यम से वैश्विक स्तर का नया और उन्नत जर्मप्लाज्म देश में आना चाहिए, जिससे यहां की कृषि परिस्थितियों के अनुकूल नई किस्में विकसित हों और देश के आलू उत्पादक किसानों को उसका सीधा लाभ मिल सके.

सीआईपी के महानिदेशक डॉ. सिमोन हेक ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को आश्वस्त किया कि आगरा में स्थापित हो रहा सीसार्क केंद्र पूरे दक्षिण एशिया- विशेषकर भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए एक प्रमुख वैज्ञानिक मंच के रूप में कार्य करेगा. उन्होंने बताया कि यह केंद्र हाइब्रिड आलू तकनीक, बायोफोर्टिफाइड फसलों और जलवायु-सहिष्णु किस्मों जैसी वैश्विक वैज्ञानिक उपलब्धियों को भारतीय प्राथमिकताओं से जोड़ेगा. इससे आलू की बीज उत्पादन प्रणाली में क्रांतिकारी तेजी और सटीकता आएगी, साथ ही निजी क्षेत्र के निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा. 

चर्चा के दौरान शकरकंद (स्वीट पोटैटो) के पोषण और आर्थिक महत्व पर विशेष मंथन किया गया. बैठक में तय हुआ कि आयरन, जिंक और विटामिन-ए से भरपूर 'ऑरेंज-फ्लेश्ड' बायोफोर्टिफाइड शकरकंद की उन्नत किस्मों को भारतीय किसानों तक पहुंचाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि शकरकंद को अब पारंपरिक सोच से बाहर निकालकर एक आधुनिक "सुपरफूड" के रूप में बड़े पैमाने पर ब्रांडिंग करने की आवश्यकता है, जिससे शहरी और ग्रामीण बाजारों में इसकी मांग बढ़े और छोटे किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके. 

​बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीआईपी के प्रतिनिधिमंडल का भारत आगमन पर स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया और भरोसा जताया कि कृषि मंत्रालय, ICAR और CIP का यह साझा प्रयास न केवल भारत और दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया के कृषि परिदृश्य में एक नया सकारात्मक अध्याय लिखेगा.

बैठक में केंद्रीय बागवानी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के एमडी कपिल मीणा के साथ ही यानमिन शी, निदेशक, सीआईपी-चाइना सेंटर फॉर एशिया एंड द पैसिफिक; जॉयस मारू, क्षेत्रीय निदेशक, अफ्रीका, अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र; वियन पोलर, क्षेत्रीय निदेशक, लातिन अमेरिका, अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र; तथा नीरज शर्मा, कंट्री मैनेजर, भारत, अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र भी उपस्थित रहे.

English Summary: superfood sweet potato hybrid potato farmers India CIP Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan
Published on: 07 September 2026, 05:07 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now