खेतों में जब फसल कटाई चलती है तो किसानों को खुशी भी होती है और उन्हें डर भी सताता है कि कई उनकी फसल को क्षति नहीं पहुंच जाए या खराब न हो जाए क्योंकि हर साल किसानों को फसल नुकसान का सामना करना पड़ता है और इसी कारण किसानों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है. अब ऐसा नहीं होगा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने सोलर ड्रायर योजना शुरू की है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के फलोत्तर प्रबंधन कार्यक्रम के तहत लागू की गई इस योजना के जरिए किसान आधुनिक तकनीक से अपनी उपज को सुरक्षित तरीके से सुखाकर लंबे समय तक संरक्षित रख सकेंगे. इससे न केवल फसल की बर्बादी रुकेगी, बल्कि बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
खेत पर ही सुरक्षित तरीके से सूखेंगी फल और सब्जियां
पारंपरिक तरीके से खुले मैदान या छत पर फल और सब्जियां सुखाने के दौरान धूल, बारिश, नमी और कीड़ों का खतरा बना रहता है. इसके कारण उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता. सोलर ड्रायर इस समस्या का प्रभावी समाधान माना जा रहा है.
यह मशीन सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके नियंत्रित तापमान पर फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों को सुखाती है. इससे उत्पाद का रंग, स्वाद, सुगंध और पोषण लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. किसान अपनी उपज को खराब होने से बचाकर जरूरत के अनुसार बाजार में बेच सकते हैं.
सोलर ड्रायर खरीदने पर मिलेगी कितनी सब्सिडी?
उद्यान विभाग के अनुसार, सोलर ड्रायर खरीदने वाले किसानों को लगभग 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. योजना के पहले चरण में राज्यभर में 500 सोलर ड्रायर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. प्रत्येक जिले में औसतन 10 मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.
योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा. इसलिए इच्छुक किसानों को जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है. चयनित किसानों के यहां अधिकृत कंपनियों के माध्यम से मशीन की स्थापना भी कराई जाएगी.
किसानों के लिए दो क्षमता के सोलर ड्रायर उपलब्ध
सरकार ने किसानों की आवश्यकता और खेती के आकार को ध्यान में रखते हुए दो अलग-अलग क्षमता के सोलर ड्रायर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है.
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पहला मॉडल 100 किलोग्राम क्षमता का है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3.50 लाख रुपये है. इस मशीन पर किसानों को 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. यह बड़े स्तर पर बागवानी और व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों के लिए अधिक उपयोगी मानी जा रही है.
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दूसरा मॉडल 70 किलोग्राम क्षमता का है, जिसकी लागत करीब 2.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इस पर सरकार 1 लाख रुपये तक का अनुदान देगी. यह मशीन छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.
किन फसलों के लिए होगा सबसे ज्यादा फायदा
सोलर ड्रायर तकनीक का उपयोग कई प्रकार की बागवानी फसलों में किया जा सकता है. इसके माध्यम से किसान प्याज, टमाटर, मिर्च, आंवला, खीरा, हरा धनिया, पुदीना और विभिन्न प्रकार के फल एवं सब्जियों को सुरक्षित तरीके से सुखा सकते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से तैयार उत्पाद की गुणवत्ता सामान्य तरीके से सुखाए गए उत्पादों की तुलना में बेहतर होती है. अच्छी गुणवत्ता के कारण किसानों को बाजार में अधिक कीमत मिलने की संभावना रहती है. साथ ही प्रसंस्करण उद्योगों के लिए भी यह उत्पाद अधिक उपयोगी होते हैं.
ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने जिले के उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क करना होगा. आवेदन के दौरान किसानों को खेती से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी और अन्य आवश्यक अभिलेख जमा करने होंगे.
विभाग द्वारा पात्र किसानों का चयन करने के बाद अधिकृत कंपनियों के माध्यम से उनके खेत या घर पर सोलर ड्रायर स्थापित कराया जाएगा. सीमित संख्या में मशीनें उपलब्ध होने के कारण समय पर आवेदन करना जरूरी है.
लेखक: रवीना सिंह