सिक्किम की राज्य किस्म विमोचन समिति (एसवीआरसी) ने भाकृअनुप–राष्ट्रीय आर्किड अनुसंधान संस्थान (एनआरसीओ), पाक्योंग द्वारा विकसित ऑर्किड की 13 नई हाइब्रिड किस्मों के विमोचन को औपचारिक मंज़ूरी प्रदान की है. यह महत्वपूर्ण निर्णय संस्थान परिसर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और बागवानी विशेषज्ञों ने भाग लिया. इन नई किस्मों में आकर्षक रंग, बड़े आकार के फूल और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने जैसी व्यावसायिक विशेषताएं शामिल हैं.
समिति ने इन हाइब्रिड किस्मों को राज्य की पुष्प खेती और निर्यात संभावनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. यह उपलब्धि सिक्किम को ऑर्किड उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी.
13 हाइब्रिड किस्मों का विवरण
स्वीकृत 13 हाइब्रिड किस्मों में 9 सिम्बिडियम (Cymbidium) और 4 पैफियोपेडिलम (Paphiopedilum) हाइब्रिड शामिल हैं. सिम्बिडियम हाइब्रिड अपनी आकर्षक बनावट, बड़े आकार के फूलों और बेहतर रंग संयोजन के लिए जाने जाते हैं. साथ ही, इनकी फूलदान में अधिक समय तक टिके रहने की क्षमता इन्हें बाजार के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है. जारी किए गए सिम्बिडियम हाइब्रिड में ‘एनएआरसीओ Cym 6’, ‘एनएआरसीओ Cym 15’, ‘एनएआरसीओ Cym 19’, ‘एनएआरसीओ Cym 23’, ‘एनएआरसीओ Cym 40’, ‘एनएआरसीओ Cym 84’, ‘एनएआरसीओ Cym 91’, ‘एनएआरसीओ Cym 101’ तथा ‘एनएआरसीओ Cym 119’ शामिल हैं.
दूसरी ओर, पैफियोपेडिलम हाइब्रिड अपनी विशिष्ट संरचना और अनूठी पुष्प आकृति के कारण अत्यंत आकर्षक माने जाते हैं. इनमें ‘एनएआरसीओ Paph 33’, ‘एनएआरसीओ Paph 77’, ‘एनएआरसीओ Paph VC I’ और ‘एनएआरसीओ Paph VC II’ शामिल हैं. इन किस्मों की विशेषता उनके रंगों की विविधता और सजावटी उपयोगिता है, जो घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग को बढ़ा सकती है.
बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख वक्तव्य
बैठक की अध्यक्षता जिगमी दोरजी भूटिया, भारतीय प्रशासनिक अधिकारी एवं कमिश्नर-सह-सचिव (कृषि एवं बागवानी), सिक्किम सरकार और एसवीआरसी के चेयरमैन ने की. उन्होंने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन नई किस्मों का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा. उन्होंने विशेष रूप से इन हाइब्रिड की व्यावसायिक उपयोगिता और किसानों की आय बढ़ाने में उनकी भूमिका पर जोर दिया.
डॉ. एस. अनबालागन, भारतीय वन सेवा एवं सचिव (कृषि), सिक्किम सरकार, ने भी अनुसंधान दल की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की. टी.टी. भूटिया, प्रधान निदेशक एवं सचिव (बागवानी), ने इन किस्मों की गुणवत्ता और बाज़ार क्षमता को रेखांकित किया. डॉ. एस.पी. दास, निदेशक, भाकृअनुप-एनआरसीओ, ने हाइब्रिड किस्मों की पृष्ठभूमि, अनुसंधान प्रक्रिया और प्रमुख विशेषताओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिसके बाद इनके व्यावहारिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया.
विशेषज्ञों और अधिकारियों की सहभागिता
एसवीआरसी की इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे. सदस्यों में बी.एल. दहल (प्रधान निदेशक, बागवानी), केसांग लाचुंगपा (फ्लोरिकल्चर), सुश्री पेमा चोडेन भूटिया (अतिरिक्त निदेशक, बागवानी) और छेरिंग चोफेल भूटिया (कृषि एवं बागवानी, पाकयोंग जिला) शामिल थे.
इसके अतिरिक्त, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव, जिला सूचना अधिकारी, दूरदर्शन प्रतिनिधि, एफपीओ के सीईओ, शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक तथा प्रगतिशील किसानों ने भी भागीदारी की. वैज्ञानिक समुदाय से डॉ. रामगोपाल देवदास, प्रधान वैज्ञानिक (जीपीबी), भाकृअनुप-पूर्वोत्तर क्षेत्र अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्द्र, तथा एनआरसीओ के अन्य वैज्ञानिकों ने सक्रिय रूप से चर्चा में योगदान दिया.
राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए महत्व
सिक्किम पहले से ही ऑर्किड विविधता के लिए प्रसिद्ध है. इन नई हाइब्रिड किस्मों का विमोचन राज्य के फूल उत्पादकों के लिए आय के नए अवसर खोल सकता है. बेहतर गुणवत्ता और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने वाले फूल घरेलू सजावट, आयोजनों और निर्यात बाजार में विशेष मांग रखते हैं. इससे किसानों को उच्च मूल्य प्राप्त होने की संभावना है.
बैठक के पश्चात राज्य बागवानी विभाग के साथ एक इंटरफेस बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें इन नई किस्मों के प्रसार, प्रशिक्षण और व्यावसायिक विस्तार पर चर्चा की गई. यह पहल अनुसंधान और खेती के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. सिक्किम में ऑर्किड उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में यह निर्णय मील का पत्थर साबित हो सकता है.