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Updated on: 18 September, 2026 3:02 PM IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज हैदराबाद में दक्षिणी राज्यों की रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित

केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज हैदराबाद में दक्षिणी राज्यों की रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि अल नीनो के इफेक्ट, क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन और रबी की क्रॉप के लिए क्या करना चाहिए, इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि यह चर्चा केवल चर्चा के लिए नहीं है.

ये किसान की जिंदगी बदलने के लिए चर्चा है. ये देश की फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए चर्चा है. ये कृषि के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की चर्चा है. ये खेती के माध्यम से हमारी अर्थव्यवस्था को नई गति देने की चर्चा है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नेशन फर्स्ट, हमारे लिए देश सबसे पहले है. कहाँ कौन सी सरकार है, ये हम कभी नहीं सोचते. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों का भला कैसे किया जा सकता है, इस उद्देश्य से कई मुद्दों पर बातचीत हुई है.

मशीन रोटी बना सकती है लेकिन गेहूं पैदा नहीं कर सकती

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया कितनी भी प्रगति कर ले, एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और दूसरी आधुनिक तकनीकों का उपयोग हो सकता है, लेकिन फल, सब्जी और अनाज खेत ही दे सकते हैं और किसान ही दे सकता है. खेती के बिना ये दुनिया चल नहीं सकती. उन्होंने कहा कि मशीन रोटी बना सकती है लेकिन मशीन गेहूं पैदा नहीं कर सकती, अन्न खेत में ही पैदा होगा. इसलिए किसान केवल अन्नदाता नहीं है, बल्कि जीवनदाता है. उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है. क्योंकि किसानों के बिना काम नहीं चल सकता. वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि के हमारे तीन प्रमुख लक्ष्य हैं.

पहला लक्ष्य है कि 140 करोड़ से ज्यादा आबादी की फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि आज के दौर में यह और जरूरी हो गया है और भोजन के मामले में भारत दुनिया पर निर्भर नहीं रह सकता. दूसरा लक्ष्य किसानों की आजीविका सुनिश्चित करना है. जो किसान जीवनदाता है, अन्नदाता है, वो कैसे सुखी हो और उसकी इनकम कैसे बढ़े, इसकी चिंता करनी है. तीसरा लक्ष्य न्यूट्रिशन सिक्योरिटी है. भोजन केवल मिले ही नहीं, बल्कि पोषणयुक्त भोजन मिले, इसकी भी चिंता करनी है. उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में हॉर्टिकल्चर की अपार संभावनाएं हैं. यहां के मसाले, कॉफी, काजू, कोको, सैंडलवुड और अलग-अलग प्रकार की फसलों में अनंत संभावनाएं हैं, जो न्यूट्रिशन सिक्योरिटी से भी संबंधित हैं.

अलग-अलग राज्यों के लिए रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस जरूरी

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरपूर है. पहले पूरे देश की रबी की एक कांफ्रेंस होती थी, लेकिन अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग एग्रो क्लाइमेटिक जोन, उपलब्ध संसाधन, जल और मिट्टी की परिस्थितियां हैं. इसलिए एक दिन की कांफ्रेंस में एक जगह बैठकर रबी या खरीफ का प्लान नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि इसलिए रबी कांफ्रेंस को एक दिन की जगह दो दिन का किया गया, ताकि हर राज्य को अपनी बात कहने, समस्याएं सामने रखने और सुझाव देने का अवसर मिले.

केंद्र भी राज्यों से अपनी अपेक्षाएं बता सके और मिलकर कृषि का रोडमैप बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रीजनल कांफ्रेंस के महत्व को लेकर मार्गदर्शन दिया है. जो समस्या जम्मू कश्मीर की है, गुजरात की है या नॉर्थ ईस्ट की है, वो आंध्र और तेलंगाना की नहीं हो सकती. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कंडीशंस के कारण अलग-अलग ढंग से खेती होती है. इसी विचार के तहत दक्षिण के राज्यों की यह रीजनल कांफ्रेंस आयोजित की जा रही है.

नियम जनता के लिए हैं, जनता नियमों के लिए नहीं

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का काफी जोर रिफॉर्म्स पर है. उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि कौन सी चीजें और कौन से नियम-कानून ऐसे हैं, जिनमें बदलाव की जरूरत है. नियम जनता के लिए हैं, जनता नियम के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर पुराने एक्ट या पुरानी प्रक्रियाएं हैं और उनको बदलने की जरूरत है तो राज्य सरकारें उनमें बदलाव करें.

भारत सरकार के स्तर पर कोई दिक्कत हो तो राज्यों को खुलकर बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कई बार कहा है कि सरकार फाइल में नहीं, जनता की लाइफ में दिखना चाहिए. इसलिए जहां नियमों में बदलाव की जरूरत है, वहां सुझाव दिए जाएं. भारत सरकार भी जरूरी बदलाव करेगी और राज्य सरकारों को भी जो बदलाव करना है, वो करें, ताकि जनता को ज्यादा राहत दी जा सके.

बेस्ट प्रैक्टिस से सीखें राज्य, मिलकर बनाएं कृषि का रोडमैप

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कांफ्रेंस में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी और प्रेजेंटेशन भी होंगे. प्रेजेंटेशन के बाद किसान सहित सभी स्टेकहोल्डर्स चर्चा कर सकेंगे और उनके सुझाव लिए जाएंगे. अलग-अलग राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस भी सामने रखी जाएंगी, ताकि एक राज्य में अच्छा काम हो रहा है तो दूसरा राज्य उससे सीख सके. उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों में कृषि और हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में बहुत बेहतर काम हुए हैं. जो अच्छे काम हुए हैं मैं उनके लिए आप सबको बधाई देता हूँ, लेकिन और बेहतर करने की गुंजाइश है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार राज्यों को पूरी ताकत के साथ सहयोग करेगी. जमीन राज्य के पास है, किसान राज्य में है और केंद्र सरकार पूरी ताकत से राज्यों को सहयोग करेगी. दोनों मिलकर काम करें. उन्होंने कहा कि देश पहले है, इसलिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करें और इसी वजह से यह रीजनल कॉन्फ्रेंस महत्वपूर्ण है.

कोकोनट एक्सपोर्ट में 62% की ग्रोथ

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कोकोनट के मामले में एक साल में भारत का एक्सपोर्ट 4,349 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,038 करोड़ रुपये हो गया है. एक साल में 62% की ग्रोथ हुई है. उन्होंने कहा कि कोकोनट प्रमोशन के लिए नई योजना बनाई गई है, जिसका बजट में ऐलान हुआ है और अब यह योजना अस्तित्व में आने वाली है. दक्षिण के राज्य कोकोनट के क्षेत्र में देश को लीड करते हैं, इसलिए राज्यों को इस क्षेत्र में अभी से तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुराने बागों का जीर्णोद्धार कैसे किया जाए, इस पर विचार करने की जरूरत है.

60-70 साल पुराने नारियल के पेड़ों में नारियल भी कम लगता है और क्वालिटी भी ठीक नहीं रहती. इसलिए धीरे-धीरे और फेजेस में नए पेड़ लगाने की योजना पर राज्यों को विचार करना चाहिए. उन्होंने काजू और कोको के लिए बनाई गई प्रमोशन योजना पर भी राज्यों से अभी से तैयारी करने को कहा, ताकि इस क्षेत्र के किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाया जा सके.

FTA के जरिए दुनिया के बाजारों में भारतीय किसानों के लिए अवसर

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई देशों के साथ कई FTA हुए हैं. इनके कारण फ्रूट्स, वेजिटेबल्स और अनाज सहित कई कृषि उत्पादों के लिए मार्केट एक्सेस सुगम हुआ है. उन्होंने कहा कि इन FTA का अध्ययन करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि दुनिया में कौन-कौन सी चीजों की डिमांड है.

उसके अनुसार फल, सब्जियां और अनाज किस क्वालिटी के पैदा किए जाएं, इसकी योजना बनानी चाहिए. इंटरनेशनल जो स्टैंडर्ड्स हैं उनको हमारे किसान फॉलो करें. उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजार भारत के लिए खुल रहे हैं और यह किसानों के लिए एक अवसर है. इसलिए सभी मिलकर रबी कॉन्फ्रेंस और खेती से संबंधित सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा करें.

तेलंगाना में 2 लाख PM आवासो का निर्माण होगा

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं ग्रामीण विकास मंत्री भी हूं और तेलंगाना में कई वर्षों से केसीआर की सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान लेने से इंकार किया था. अब राज्य सरकार ने पहल की है और भारत सरकार की ओर से पहली किस्त 2 लाख मकानों के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री को सौंपी गई है. ये 2 लाख मकान बनना प्रारंभ होंगे. उन्होंने कहा कि इसके बाद आगे भी जिन भाई-बहनों के कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे हुआ है, उनको मकान देने का काम किया जाएगा. केन्द्र सरकार हर क्षेत्र में हम सहयोग करेगी.

English Summary: Shivraj singh chouhan southern states regional agriculture conference farmers income agriculture development
Published on: 18 September 2026, 03:07 PM IST

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