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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल
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शिवराज सिंह चौहान द्वारा NSP-DBT से 6,000 से अधिक कृषि विद्यार्थियों को 21.35 करोड़ रु. की स्कॉलरशिप जारी
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कृषि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, समयबद्ध सहायता और कृषि नवाचार पर दिया जोर
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परीक्षा, प्रवेश और भुगतान- सब समय पर हों, यही व्यवस्था की असली कसौटी है- शिवराज सिंह चौहान
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कृषि में केवल कक्षा नहीं, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से ही असली दक्षता आती है- शिवराज सिंह
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खेत, किसान और विज्ञान मिलकर ही देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मजबूत करते हैं- शिवराज सिंह
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में फूड सिक्योरिटी, न्यूट्रिशन और किसान आय सुरक्षा को प्राथमिकता- शिवराज सिंह चौहान
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हरियाली अमावस्या पर देशभर के ICAR संस्थानों में कृषि विद्यार्थियों से भी पौधारोपण करने की अपील
नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ICAR-IARI, पूसा में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप/फेलोशिप राशि जारी की। इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को कुल 21.35 करोड़ रुपए की राशि सीधे DBT के माध्यम से दी गई। इस नई पहल से अब कृषि विद्यार्थियों को हर महीने बिना किसी परेशानी के स्कॉलरशिप डीबीटी द्वारा मिल जाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त, व्यावहारिक और अवसरों से जुड़ा बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अब DBT व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर मदद मिलेगी और पारंपरिक देरी की समस्या खत्म होगी। शिवराज सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि केवल कक्षा-आधारित पढ़ाई से अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी नहीं बन सकते। उन्होंने छात्रों से सुझावों और सुधारात्मक विचारों को साझा करने की अपील भी की।
चौहान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में फूड सिक्योरिटी, न्यूट्रिशन और किसान आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने ICAR के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके शोध और किसानों के परिश्रम से देश के अन्न भंडार मजबूत हुए हैं। उन्होंने युवाओं को करियर के साथ-साथ बड़े लक्ष्य तय करने और देश के लिए कुछ सार्थक करने की प्रेरणा दी। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि कृषि विद्यार्थी केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभाएँ।
शिवराज सिंह ने कहा कि NSP-DBT प्रणाली से अब स्कॉलरशिप वितरण अधिक पारदर्शी, तेज और निर्बाध होगा। इससे विद्यार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी और शिक्षा पर उनका ध्यान अधिक केंद्रित रह सकेगा। यह संदेश भी दिया गया कि कृषि शिक्षा को तकनीक, प्रशिक्षण और उद्योग-उन्मुखता के साथ जोड़कर ही भविष्य की चुनौतियों का बेहतर समाधान किया जा सकता है।
चौहान ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर देशभर के ICAR संस्थानों में कृषि विद्यार्थियों से पौधारोपण करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हरित पहलें कृषि और पर्यावरण, दोनों के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICAR के DG डॉ. एम.एल. जाट, ICAR के सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, डीडीजी डॉ. यशपाल सिंह मलिक और IARI के निदेशक डॉ. सी. निवास राव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ICAR और IARI के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे, वहीं हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन भी जुड़े।