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Updated on: 3 September, 2026 5:30 PM IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुंबई में आज उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण की समीक्षा करते हुए महिला उद्यमियों के लिए तेज़, पर्याप्त और सुलभ क्रेडिट का ठोस रोडमैप तैयार किया गया, साथ ही हेल्प लाइन के लिए भी शिवराज सिंह ने निर्देशित किया.

बैठक में SHG दीदियों, बैंकर्स, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) अधिकारियों, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) और अन्य हितधारकों ने मिलकर लोन प्रक्रिया की बाधाओं, क्षेत्रीय असमानताओं और समाधान के उपायों पर विस्तृत चर्चा की.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुंबई में संपन्न उच्चस्तरीय बैठक में स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों के लिए बैंक क्रेडिट की व्यवस्था को और सुगम बनाने का ठोस रोडमैप तैयार किया गया है. बैठक में न केवल आँकड़ों की समीक्षा हुई, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं- लोन स्वीकृति में देरी, कागजी कार्रवाई, छोटे क्रेडिट लिमिट और शाखा स्तर की कठिनाइयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई.

बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे तथा राज्य मंत्री योगेश कदम, केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल, संयुक्त सचिव अमित कुमार शुक्ला और स्वाति शर्मा एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा वित्तीय सेवा विभाग, नीति आयोग, भारतीय रिज़र्व बैंक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.

विकसित भारत और महिला सशक्तिकरण

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "विकसित भारत के निर्माण के लिए महिला सशक्तिकरण प्राथमिक आवश्यकता है. आज की बैठक हमारी केवल कर्मकांड नहीं थी, उस दिशा में आगे बढ़ने का एक गंभीर प्रयास थी. उन्होंने कहा कि इसी दिशा में बहुत गंभीर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को सामने रखते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि इस बार भी लाल किले की प्राचीर से उन्होंने राष्ट्र के सामने अपने संकल्प को व्यक्त किया कि 3 करोड़ लखपति दीदी अब तक बनी हैं, हमको 6 करोड़ बनाना है. और लखपति दीदी यानी आधी आबादी को पूरा न्याय. जब तक ग्रामीण गरीबी दूर नहीं होगी, भारत आगे नहीं बढ़ सकता. अब 6 करोड़ का कमिटमेंट है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हित से राष्ट्र हित को ऊपर रखें और कर्तव्य हमारी पहचान बने. हम लोग जो काम कर रहे हैं, ये केवल प्रोफेशन नहीं है या केवल आजीविका के लिए नहीं कर रहे. चाहे हमारे अधिकारी मित्र हों, बैंक से जुड़े मित्र हों, एक कमिटमेंट है हमारा देश की सेवा करने का, लोगों की सेवा करने का. और उसी कमिटमेंट को पूरा करने के लिए हम काम कर रहे हैं. उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि हम इस टारगेट को अचीव करने के लिए इमोशनली जुड़ें. केवल ड्यूटी पूरी नहीं करना, एक ज़िद, जुनून और जज़्बा दिल के अंदर होना चाहिए कि हमको अपनी बहनों की ज़िंदगी बदलना है. उसमें मेरा योगदान सर्वश्रेष्ठ कैसे हो सकता है, मैं बेहतर से बेहतर कैसे कर सकता हूँ, इसकी कोशिश अगर होगी, तो निश्चित तौर पर हम और तेज़ी से लक्ष्य प्राप्त करेंगे.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि 3 करोड़ थोड़ा आसान था क्योंकि कई दीदियां ऐसी थीं जिनकी इनकम पहले से ही 60, 70, 80 हज़ार थी लेकिन अब 6 करोड़ तक पहुँचना है तो 40 हज़ार वाली दीदी, 50 हज़ार वाली दीदी, 30 हज़ार वाली दीदी को भी हमको लखपति बनाना पड़ेगा. उन्होंने बैंकर्स की सराहना करते हुए कहा कि जो हमने अचीव किया है, वो सचमुच में गर्व करने के लायक है. लगभग हर एक बैंक ने जो टारगेट थे उससे डेढ़ गुना, कुछ ने तो दोगुना भी इस साल हासिल किया है, उसके लिए हृदय से बधाई लेकिन आगे हमको पूरे जुनून के साथ फिर जुटे रहना पड़ेगा.

कमिटमेंट्स की समयबद्ध मॉनिटरिंग

शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि आज की बैठक में हमने जो भी कमिटमेंट्स किए हैं, नाबार्ड के हों, आरबीआई के हों, बैंकर्स के हों, एसआरएलएम की तरफ से आए हों, हम उस कमिटमेंट को पूरी क्षमता से लग के पूरा करें. तय किए गए लक्ष्य निश्चित समय सीमा में, क्योंकि उसका विवरण अब एक नोट है, और इसलिए निश्चित समय सीमा में करें, हम 3 महीने में एक बार वर्चुअली मिलेंगे और 6 महीने में फिर फिजिकली भी हम मिलेंगे क्योंकि निरंतरता अगर रहेगी बैठक की, तो निश्चित तौर पर समय सीमा का भी हम पालन कर पाएंगे.

बैंक स्तर पर प्रशिक्षण, संवेदनशीलता

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि आपने देखा कि दीदियों को सबसे ज्यादा समस्या बैंक स्तर पर आती है. उस स्तर पर ट्रेनिंग, हम कैसे सेंसिटाइज करें, उस प्रयास में हमको लगना चाहिए. एक तो एसआरएलएम की नियमित बैठक, उसमें बैंक भी गंभीरता से भाग लें. विशेषकर प्राइवेट बैंकर्स से कहा कि वो कई बार बैठक में, डीएलसीसी में अनुपस्थित रहते हैं, ऐसी शिकायत मेरे पास आई है. उनको भी इस कमिटमेंट को लग के पूरा करने की कोशिश करना चाहिए.

गरीबी वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस

शिवराज सिंह ने कहा कि जहां ज्यादा गरीबी है, वहां हमारा ध्यान ज्यादा जाए. कई बार पैसा ज्यादा वहां चला जाता है जहां समृद्धि पहले से ही है, बैंक ब्रांच उनको लोन जल्दी देती है. लेकिन जहां ज्यादा जरूरी है, 'चलो जलाएं दीप वहां, जहां अभी भी अंधेरा है'. तो हमारे फोकस के क्षेत्र वो निश्चित तौर पर होना चाहिए.

'आत्मवत् सर्वभूतेषु' की भावना: इमोशनली जुड़कर लक्ष्य प्राप्त करें

मंत्री चौहान ने कहा कि इमोशनली जुड़ें इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए. भारतीय संस्कृति में हम मानते हैं, 'आत्मवत् सर्वभूतेषु'. हम सब एक ही चेतना के अंग हैं. तो कोई दुखी क्यों रहे उसका दुख अपना दुख क्यों ना बन जाए? वसुधैव कुटुंबकम हो, विश्व का कल्याण हो, सर्वे भवन्तु सुखिनः हो, ये हमारी संस्कृति का मूल भाव है और उसी भाव को आत्मसात करते हुए हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करेंगे, तो सचमुच में काम में आनंद आएगा. अच्छे काम के लिए आप सबको बधाई. लेकिन अब बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोडमैप, उसकी समय सीमा, और समय सीमा में उसको अचीव करने का प्रयास हमको करना होगा.

कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं

केंद्रीय मंत्री चौहान ने भोपाल के हिंदी ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार की पंक्तियाँ याद करते हुए कहा, "'कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो'. कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है. अगर हम प्रयत्न करें तो इंसान चाहे तो ब्रह्मांड पर भी कमांड कर सकता है. और इसलिए हम जैसे हाड़-मांस के पुतले ही तो बड़े काम करते हैं. तो आइए हम संकल्प करें कि जो कमिटमेंट्स हमने किए हैं, उनको हम पूरा करेंगे. जो टारगेट हमने तय किए हैं, जो लक्ष्य हमने तय किए हैं, उनको पूरा करेंगे और प्रधानमंत्री जी के संकल्प को निश्चित समय सीमा में पूरा करके दिखाएंगे.

3.5 करोड़ लखपति दीदियाँ, लक्ष्य 6 करोड़

DAY-NRLM के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएँ 92–93 लाख स्वयं सहायता समूहों में संगठित हो चुकी हैं, और बैंकों ने SHGs को कुल 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का क्रेडिट दिया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि अब तक लगभग 3.5 करोड़ लखपति दीदियाँ बन चुकी हैं, और लक्ष्य 6 करोड़ है. अगले 5 वर्षों में SHGs को 10 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत दीदियों को 1 लाख करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

वित्तीय समावेशन 2.0 का एक्शन प्लान

इस बैठक की चर्चाएँ वित्तीय समावेशन 2.0 (Financial Inclusion 2.0) विज़न के भविष्य के एक्शन प्लान में शामिल होंगी, जिसका फोकस SHGs के लिए समय पर और पर्याप्त क्रेडिट, महिला उद्यमियों के लिए समर्पित फाइनेंसिंग और ग्रामीण भारत में उच्च-स्तरीय वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना है. मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि दीदियों को बैंक लोन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेल्पलाइन, प्रक्रिया सुधार और बैंकर्स के साथ निरंतर समन्वय से हर बाधा दूर की जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि दीदियों को बैंक लोन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो. यह बैठक महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन और समावेशी आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

English Summary: Shivraj singh chouhan Mumbai meeting shg bank linkage lakhpati didi women entrepreneurs loan 6 crore target day nrlm
Published on: 03 September 2026, 05:33 PM IST

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