केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित पूसा में आयोजित विशेष समारोह “समृद्धि दीदी से समृद्ध राष्ट्र: गणतंत्र दिवस अभिनंदन समारोह 2026” में देशभर से गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेने आई लगभग 400 जीविका दीदियों को संबोधित किया. इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी भी उपस्थित रहे.
इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने जीविका दीदियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि मेरी दीदियाँ जीवित औऱ जागृत देवियां हैं- और जब वह ठान लें,तो चमत्कार कर देती हैं. उन्होंने कहा कि इन दीदियों ने साबित कर दिया है कि वे अबला नहीं,सही मायनों में सबला हैं. जीविका दीदियों को उन्होंने आगे कहा कि आप दुर्गा,लक्ष्मी,सरस्वती हैं- बड़े से बड़ा चमत्कार कर सकती हैं और आप यहाँ आई हैं,तो यह घर सच में मायका बन गया है. बहनों की मौजूदगी से भाई का आँगन खुशियों से भर जाता है.
चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बहन,बेटियों और दीदियों की सुधि ली. प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं की ताकत पहचानी और आजीविका मिशन ने चमत्कार कर दिया.
मंत्री शिवराज सिंह ने आगे कहा कि आज 10 करोड़ बहनें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं. प्रधानमंत्री जी ने हमें 3 करोड़ दीदी को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य दिया है. और मैं गर्व से कहता हूँ कि यह लक्ष्य हमारे लिए मंत्र है और बहुत जल्द हम इसे हासिल कर लेंगे. उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन अब सिर्फ योजना नहीं, एक क्रांति और आंदोलन बन चुका है. इसने हमें केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं किया, बल्कि उन सारी बेड़ियों को भी तोड़ा है जो महिलाओं को पीछे रोकती थीं.
अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि आज दीदियाँ आत्मनिर्भर भी हैं और आत्मविश्वास से भरी भी हैं. अगर कोई दीदी व्यक्तिगत रूप से लोन लेना चाहे, तो उस रास्ते को भी हम आसान बनाएँ, ताकि दीदियों की आर्थिक ताकत और ज्यादा मजबूत हो सके. इसके तहत महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक एंड-टू-एंड ऑनलाइन लोन सिस्टम बनाया है, जिससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को समय पर और आसान तरीके से ऋण मिल सकेगा. अब स्वयं सहायता समूह सदस्य किसी भी बैंक में ऋण के लिए, ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी, और बैंक ऋण को डिजिटल तरीके से स्वीकृत और जारी करेंगे. यह पहल महिला उद्यमियों के लिए ऋण सुविधा प्राप्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगी और डिजिटल रूप से सशक्त भारत के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी.
उन्होंने कहा कि सरस मेले अभी कम संख्या में लगते हैं, लेकिन उनकी उपयोगिता बहुत बड़ी है. इसलिए अब सिर्फ दिल्ली से काम नहीं चलेगा, हम सरस मेले देश के बाकी हिस्सों में भी लगाएंगे. ताकि दीदियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए सही और बड़ा बाजार मिले.
कार्यक्रम में मौजूद राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेमासामी ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में गुंटूर में आयोजित सरस मेला में महिलाओं की उद्यमशीलता साफ नजर आई. हमारे यहां समृद्धि को सिर्फ जीडीपी से जोड़ दिया जाता है लेकिन देश की वास्तविक ताकत उसकी महिलाओं से तय होती है. भारत की जीडीपी में महिलाओं का योगदान 18 फ़ीसदी है, इसी तरह 10% स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं और देश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका है.
दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत विपणन रणनीति – मुख्य बिंदु
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स्वयं सहायता समूह उत्पादों के लिए संरचित, विस्तार योग्य और टिकाऊ बाज़ार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जाएगा.
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सरस ब्रांड को मजबूत करने के लिए उच्च-गुणवत्ता, मूल्य-वर्धित, प्रीमियम और निर्यात-उन्मुख उत्पादों की श्रृंखला विकसित की जाएगी.
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राज्य-स्तरीय एग्रीगेटर्स का निर्माण और सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता होगी.
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स्वयं सहायता समूह उद्यमियों, CLFs और CRP-EP कैडर की क्षमता-वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
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स्वयं सहायता समूह उत्पादों को जेम पोर्टल (GeM), ONDC, eSARAS तथा प्रमुख निजी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सिस्टमेटिक ऑनबोर्डिंग किया जाएगा.
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ई-कॉमर्स बिक्री को समर्थन देने के लिए फुलफिलमेंट और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को मजबूत किया जाएगा.
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राष्ट्रीय स्तर पर 5 सरस मेलों का आयोजन किया जाएगा.
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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLMs) राज्य स्तर पर सरस मेलों की संख्या बढ़ाएँगे.
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क्लस्टर स्तर पर, विशेषकर एग्रो-क्लस्टर्स में SHE-Marts (शी-मार्ट) स्थापित किए जाएंगे ताकि नियमित बाज़ार उपलब्ध हो सके.
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वर्ष के दौरान 50 बायर–सेलर मीट्स आयोजित की जाएंगी ताकि घरेलू विपणन और निर्यात को बढ़ावा मिले.
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इन पहलों से स्वयं सहायता समूह उद्यमों का मुख्यधारा मूल्य श्रृंखलाओं में बेहतर एकीकरण होगा.