New Rules From 1 September 2026: सितंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आई है. 1 सितंबर 2026 से LPG, कारों की कीमत, दूध और ऑटो-टैक्सी किराये से लेकर इंटरनेशनल फ्लाइट में इमिग्रेशन प्रक्रिया तक कई बदलाव लागू हुए हैं. वहीं, ITR की समयसीमा खत्म होने के बाद अब लेट रिटर्न दाखिल करने का विकल्प उपलब्ध है. दूसरी ओर, ETF से जुड़े नए नियमों की तारीख में बदलाव किया गया है. ऐसे में जानिए 1 सितंबर से आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा.
LPG ग्राहकों के लिए e-KYC जरूरी
एलपीजी ग्राहकों के लिए आधार आधारित e-KYC से जुड़ी समयसीमा 31 अगस्त 2026 थी. जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें आगे LPG कनेक्शन या सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए जिन ग्राहकों का e-KYC अभी बाकी है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी गैस एजेंसी या संबंधित डिजिटल माध्यम से इसकी स्थिति जांचनी चाहिए.
इसके अलावा, हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियों की ओर से LPG और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा की जाती है. इसलिए घरेलू बजट बनाने वाले उपभोक्ताओं के लिए सितंबर की शुरुआत महत्वपूर्ण है.
Tata Motors की कारें महंगी
अगर आप नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके बजट पर असर पड़ सकता है. Tata Motors ने अपने यात्री वाहनों की कीमतों में 1 सितंबर से बढ़ोतरी की घोषणा की है. कंपनी के विभिन्न मॉडल्स की कीमतों में अधिकतम करीब 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है. यह बढ़ोतरी पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों के अलग-अलग मॉडल्स पर लागू हो सकती है.
ऐसे में कार खरीदने से पहले अपने पसंदीदा मॉडल की नई एक्स-शोरूम कीमत, वेरिएंट और डीलर ऑफर जरूर जांच लेना बेहतर होगा.
इंटरनेशनल फ्लाइट यात्रियों को राहत
विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सितंबर की शुरुआत राहत लेकर आई है. अब भारत से इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान बोर्डिंग पास पर अलग से इमिग्रेशन स्टांप लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी.
यात्री इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंटेड बोर्डिंग पास के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे एयरपोर्ट पर कागजी प्रक्रिया कम होने और यात्रियों का समय बचने की उम्मीद है. यह बदलाव भारत की इमिग्रेशन प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है.
मुंबई में दूध की कीमत बढ़ी
मुंबई में दूध खरीदने वाले लोगों के लिए सितंबर की शुरुआत महंगी रही. रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई में भैंस के थोक दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद थोक कीमत करीब 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि पहले यह लगभग 93 रुपये प्रति लीटर थी. नई दर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहने की जानकारी सामने आई है.
थोक कीमत बढ़ने का असर आगे चलकर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे सकता है. हालांकि, ग्राहकों को खुदरा कीमत स्थानीय विक्रेता और ब्रांड के अनुसार अलग-अलग मिल सकती है.
मुंबई में ऑटो-टैक्सी का सफर भी महंगा
मुंबई में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है. 1 सितंबर से ऑटो के किराये में 1 रुपये प्रति किलोमीटर, जबकि टैक्सी के किराये में 2 रुपये प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है.
इसका सीधा असर रोजाना ऑटो और टैक्सी से यात्रा करने वाले यात्रियों के मासिक परिवहन खर्च पर पड़ सकता है.
ITR की समयसीमा खत्म, अब बिलेटेड रिटर्न का विकल्प
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए भी 1 सितंबर महत्वपूर्ण है. आकलन वर्ष 2026-27 के लिए जिन टैक्सपेयर्स को ऑडिट की आवश्यकता नहीं थी, उनके लिए नियमित ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी.
अगर किसी टैक्सपेयर ने तय समयसीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो अब वह धारा 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकता है. आयकर विभाग के अनुसार, AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, दाखिल किया जा सकता है. देरी से रिटर्न दाखिल करने पर लागू नियमों के अनुसार शुल्क भी देना होगा.
आयकर विभाग के मुताबिक, यदि कुल आय 5 लाख रुपये तक है तो विलंब शुल्क 1,000 रुपये और अन्य मामलों में 5,000 रुपये हो सकता है.
ETF निवेशकों के लिए जरूरी अपडेट
ETF निवेशकों के लिए सितंबर में एक महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित था, लेकिन इसकी तारीख अब आगे बढ़ा दी गई है. SEBI ने 15 जून 2026 को ETF के base price, price bands, pre-open session में call auction और close-out procedure से संबंधित नियम जारी किए थे.
पहले इन प्रावधानों को 1 सितंबर 2026 से लागू किया जाना था. हालांकि, SEBI ने 28 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर के जरिए इनके लागू होने की समयसीमा बढ़ा दी है. इसलिए ETF से जुड़े ये नए प्रावधान अब 7 सितंबर 2026 से लागू होंगे, न कि 1 सितंबर से.
इस बदलाव का असर ETF में कारोबार करने वाले निवेशकों और बाजार सहभागियों पर पड़ेगा. निवेशकों को नए नियमों के लागू होने से पहले अपने ब्रोकर या संबंधित फंड हाउस से ताजा जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
क्या महंगा और क्या बदला?
सितंबर की शुरुआत में जहां मुंबई में दूध और ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ा है, वहीं नई कार खरीदने वालों के लिए भी कुछ मॉडल महंगे हुए हैं. LPG ग्राहकों के लिए e-KYC से जुड़ी समयसीमा खत्म हो चुकी है. दूसरी ओर, इंटरनेशनल फ्लाइट यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया को आसान किया गया है.
टैक्सपेयर्स के लिए नियमित ITR की समयसीमा समाप्त होने के बाद अब बिलेटेड रिटर्न का विकल्प खुला है. वहीं ETF निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SEBI के नए नियम 1 सितंबर के बजाय 7 सितंबर 2026 से लागू होंगे.