केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक और पत्रकार वार्ता में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सरकार उल्लेखनीय प्रगति कर रही है. उन्होंने बताया कि इस सप्ताह वैज्ञानिकों, किसानों और केंद्र-राज्य अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा, जो स्थानीय कृषि जलवायु के अनुसार फसल विविधता और उत्पादकता बढ़ाने की रणनीतियाँ विकसित करेगी. इसके साथ ही राज्य में एकीकृत कृषि प्रणाली और छोटे किसानों के लिए विविध आय स्रोत बढ़ाने के कार्यक्रम भी लागू किए जाएंगे.
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण विकास के हर पहलू में सक्रिय है. उन्होंने खपरी में किसानों से संवाद किया और आधुनिक कृषि तकनीकों का निरीक्षण किया. पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी उपस्थित थे.
मंत्री ने किसानों को फल और सब्जियों की उन्नत खेती, पौधों की ग्राफ्टिंग नर्सरी, भाटा पद्धति से टमाटर और शिमला मिर्च की खेती, ड्रैगन फ्रूट, खजूर, ब्लूबेरी और केले की खेती का अवलोकन कराया. उन्होंने बताया कि पारंपरिक फसलों से प्रति एकड़ 35–40 हजार रुपये का लाभ होता है, जबकि आधुनिक बागवानी और उच्च तकनीक अपनाने पर यह लाभ 1–2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ सकता है. कृषि विभाग की टीम ने कीटनाशकों के वैज्ञानिक उपयोग, रोग नियंत्रण और उच्च उत्पादक किस्मों के चयन में मार्गदर्शन प्रदान किया.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाली पड़े खेतों में दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. मसूर, उड़द, मूंग, अरहर आदि दलहनों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी. इसके साथ ही तिलहन फसलों जैसे मूंगफली, सरसों और पाम ऑयल की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
मंत्री ने बताया कि राज्य में एकीकृत कृषि प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को विविध आय स्रोत उपलब्ध होंगे. इसमें पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, औद्योगिक फसलें और जैविक खेती शामिल हैं.
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ में 18,12,742 घर स्वीकृत और वितरित किए गए हैं. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में 47,847 किलोमीटर लंबी 10,199 सड़कें और 123 बड़े पुल बनाए गए हैं.
मंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘लखपति दीदी’ योजना तेजी से लागू हो रही है. इसमें 2,76,000 समूहों में 30,68,000 महिलाएं संलग्न हैं और 4,32,000 महिलाएं लघु उद्योगों में सक्रिय हैं. इसके साथ ही महिलाओं को 11,196,16,000 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि और ग्रामीण विकास के हर पहलू पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार छत्तीसगढ़ में ग्रामीण और कृषि विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य में किसानों, गरीब परिवारों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सभी पहल तेजी से लागू की जा रही हैं.