मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों को दी जाने वाली फसल ऋण सुविधा में को लेकर मोहन यादव ने बड़ा फैसला लिया है कि किसानोंं को खेती के लिए ऋण लेने के लिए किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. फसल ऋण योजना के नए अहम बदलावों के तहत किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर फसल ऋण मुहैया कराया जाएगा वो भी समय के मुताबिक.
फसल ऋण योजना में क्या नए बदलाव?
मध्य प्रदेश के किसानों को अभी तक खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग ऋण सीमा और अलग भुगतान तीथियों का पालन करना पड़ता था, जिससे किसानों के ऊपर ऋण चुकाने का भारी दबाव बन जाता था और ऐसे में राज्य के किसानों के सामने कई परेशानियां भी आ जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा नई व्यवस्था के अनुसार किसानों को रबी-खरीफ फसलों के लिए सरकार ने अलग-अलग देय तिथि रखने के बजाय एक ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ तय की है, जिसके तहत किसान को नकद राशि और खाद-बीज जैसी सारी सुविधाएं के लिए ऋण मुहैया कराया जाएगा, जिससे किसानों को यह लाभ होगा की उनको 12 महीने का समय मिल जाएगा और साथ ही उत्पादन भी अच्छा होगा.
समय पर भुगतान करने वाले किसानों को क्या फायदा होगा?
मध्य प्रदेश के किसानों को फसल ऋण योजना के नए बदलाव के तहत बड़ा फायदा होगा. यानी की राज्य सरकार किसानों को समय पर ऋण अदा करने पर प्रोत्साहित भी कर रही है. अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को सामान्य रूप से 1.25 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, जो किसान निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा ऋण चुका देंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा. साथ ही सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से किसानों में समय पर ऋण चुकाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और सहकारी बैंकिंग प्रणाली भी अधिक मजबूत होगी.
कब से लागू है शून्य ब्याज ऋण योजना?
मध्य प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना वर्ष 2012-13 से संचालित की जा रही है. यह योजना जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से लागू होती है. योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे साहूकारों और ऊंची ब्याज दर वाले निजी ऋणदाताओं पर निर्भर न रहें. वर्षों से यह योजना लाखों किसानों को कृषि निवेश के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है.
3 लाख रुपये तक का ऋण पूरी तरह ब्याज मुक्त
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र किसानों को 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना होगा, बशर्ते वे निर्धारित समय में ऋण का भुगतान कर दें. इसका सीधा लाभ किसानों की खेती लागत कम करने में मिलेगा.
इस ऋण राशि का उपयोग किसान खाद, उन्नत बीज, कृषि यंत्र किराया, सिंचाई, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों के लिए कर सकते हैं. ब्याज मुक्त ऋण मिलने से खेती में निवेश बढ़ाने और उत्पादन क्षमता सुधारने में भी मदद मिलेगी.
लेखक: रवीना सिंह