बारिश का मौसम जितना राहत भरा होता है उतना ही गन्ना किसानों के लिए मुश्किल भरा. इस बरसाती मौसम में खेतों में अधिक पानी भर जाने के कारण उनको दवा और खाद छिड़काव करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और ऐसा होने पर गन्ने की फसलों में बीमारियां लगने का खतरा बढ़ जाता है, जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ जाता है, लेकिन अब ड्रोन व्यवस्था की सहायता से किसानों को इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. यानी इस आधुनिक तकनीक से किसान कम समय में गन्ने की फसल पर दवाइयों का छिड़काव आसानी से कर सकेंगे.
ड्रोन व्यवस्था का लाभ किन क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा?
अगर आप भी गन्ना किसान है और इस बारिश के मौसम में आप अपनी फसलों में सही तरीके से दवा और खाद का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं, तो गन्ना विभाग ने सहारनपुर मंडल की गन्ना सहकारी समितियों में ड्रोन की व्यवस्था आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है. साथ ही इस सरकारी मदद का लाभ यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले किसान ही उठा सकते हैं और बारिश के बीच दवा, खाद छिड़काव का काम समय पर पूरा कर सकते हैं.
किसानों को कितने ड्रोन उपलब्ध कराएं जाएंगे?
यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों के लिए गन्ना सहकारी समितियों में 36 ड्रोन की व्यवस्था की है, जिसकी मदद से किसान बहन-भाई बरसात के मौसम में अपनी फसलों में दवा और खाद का छिड़काव करीब 6 बीघा खेत में 5 मिनट के अंदर कर सकेंगे.
इसके अलावा, गन्ना किसानों को सहकारी समिति की ओर से दवाएयां भी मुहैया कराई जाएंगी. इस मदद से किसानों की खेती की लागत में बचत होगी और मुनाफे की संभावनाएं बढ़ेगी.
ड्रोन सुविधा के लिए कहां करें संपर्क?
भारत में यूपी राज्य मात्र ऐसा राज्य है जहां के किसान गन्ने की पैदावार बड़े पैमाने पर करते हैं और ऐसे में यूपी के कई जिलों के किसानों को बारिश के मौसम में फसल नुकसान का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए सरकार ने यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों के लिए गन्ना सहकारी समितियों में 36 ड्रोन की व्यवस्था की है. अगर आप भी इस सरकारी मदद का लाभ उठाना चाहते है, तो अपने क्षेत्र की संबंधित गन्ना सहकारी समिति या वहां तैनात गन्ना विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर ड्रोन व्यवस्था का फायदा उठा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह