Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 15 March, 2021 11:58 AM IST
Mushroom Farming

श्री कर्ण नरेंद्र विश्वविद्यालय जोबनेर के एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर साबी द्वारा प्रशिक्षित स्टार्टअप आमल्दा ऑर्गेनिक फूड एंड रिसर्च सेंटर, भीलवाड़ा की निदेशक अनु कानवात ने हाल ही में कृषि महाविद्यालय, जोबनेर द्वारा आयोजित किसान मेले में भाग लिया और अपने प्रोडेक्ट की प्रदर्शनी लगाई.

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा कृषि एवं किसान मंत्रालय द्वारा संचालित आरकेवीआई रफ्तार योजना के तहत साबी में चयनित होना उनके जीवन का एक टर्निगं पॉइंट था. साबी में संचालित कल्पवृक्ष कार्यक्रम में उन्हें विशेषज्ञों द्वारा हर क्षेत्र की जानकारी जैसे मार्केटिंग, ऑपरेशन, फाइनेंस, उद्यम को सुचारू रूप से चलाने एवं प्रतिष्ठित बनाने आदि कई पहलुओं से अवगत कराया गया. 

इन दो महीनों के प्रशिक्षण से उन्होंने अपने उद्दम को और रिफाइन किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें भारत सरकार द्वारा 15,00000 की अनुदान राशि के लिए चयनित किया गया.

भीलवाड़ा जिले के आमल्दा गांव की महिलाओं को अनु ने मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण दिया. जब मशरूम पूरी तरह तैयार हो गया और उसकी कटाई एवं बिक्री का समय आया तब तक कोविड के कारण देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी थी. इस समस्या के चलते अनु ने मशरूम के कई मूल्य संबंधित उत्पाद बनाने शुरू किए जैसे मशरूम पाउडर, नमकीन, अचार, सूप पाउडर आदि.

अनु का कहना है कि अनुदान राशि से क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी की स्थापना करके अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देना चाहती हैं, जो आगे चलकर किसान एवं घर की आमदनी को बढ़ाने में मददगार साबित होग. इसके लिए उन्होंने योजना प्रभारी डॉ एके गुप्ता एवं स्टाफ प्रफुल्ल शर्मा हर्षित शर्मा एवं अशोक भूरिया का आभार व्यक्त किया.

English Summary: SABI trained startup gets 15 lakh grant from Government of India
Published on: 15 March 2021, 12:04 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now