आज के समय में लोग नौकरी करने से कहीं ज्यादा खुद का कारोबार करने की सोचते हैं पर उन्हें कोई सही विकल्प नहीं मिलता तो वह निराश हो जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. यानी अगर आप कृषि आधारित उद्योग में निवेश करना चाहते हैं, तो चावल प्रसंस्करण (राइस प्रोसेसिंग) का व्यवसाय आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. मुरादाबाद में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से चावल उद्योग को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत चावल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों को मशीनरी की लागत पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है.
मशीनरी पर कितना मिलेगा अनुदान?
इस सरकारी योजना में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, PMFME योजना के तहत चावल तैयार करने की पूरी प्रोसेस में उपयोग होने वाली मशीनों की स्थापना पर सरकार 35 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता देती है. इसमें धान की सफाई, मिट्टी और धूल हटाने, पत्थर अलग करने, धान का छिलका निकालने तथा तैयार चावल की प्रोसेसिंग से जुड़ी मशीनें शामिल हैं.
साथ ही योजना के तहत उद्यमी को परियोजना लागत का केवल लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा स्वयं निवेश करना होता है, जबकि शेष राशि बैंक से ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है. इससे नए उद्यमियों के लिए बड़े निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है.
कैसे काम करती है वित्तीय सहायता?
PMFME योजना के तहत बैंक परियोजना की लागत के आधार पर ऋण स्वीकृत करता है. स्वीकृत ऋण में सरकार की ओर से मिलने वाली 35 प्रतिशत सब्सिडी को समायोजित किया जाता है. इससे उद्यमी पर ऋण का भार कम पड़ता है और कारोबार को शुरू करने के साथ-साथ आगे बढ़ाने में भी मदद मिलती है.
किन मशीनों पर मिलता है योजना का लाभ?
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धान साफ करने वाली मशीन
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डेस्टोनर (पत्थर अलग करने वाली मशीन)
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राइस मिल मशीन
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हस्क रिमूवल मशीन
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पॉलिशिंग एवं ग्रेडिंग मशीन
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पैकेजिंग और अन्य प्रोसेसिंग उपकरण
इन मशीनों की मदद से उच्च गुणवत्ता वाला चावल तैयार किया जा सकता है, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
यदि कोई व्यक्ति PMFME योजना के तहत आवेदन करना चाहता है, तो उसे कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें मुख्य रूप से-
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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राशन कार्ड
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बैंक खाते की पिछले छह माह की स्टेटमेंट
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मशीनरी का कोटेशन
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पासपोर्ट साइज फोटो
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परियोजना रिपोर्ट
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बैंक से संबंधित आवश्यक दस्तावेज
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10 लाख रुपये से अधिक के ऋण की स्थिति में आयकर रिटर्न (ITR)
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
PMFME योजना का लाभ ऐसे व्यक्ति उठा सकते हैं जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करना चाहते हैं या पहले से छोटे स्तर पर कार्य कर रहे हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं. पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां और अन्य सूक्ष्म खाद्य इकाइयां भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं.
आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक उद्यमी अपने जिले के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क कर सकते हैं. विभाग द्वारा परियोजना तैयार करने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी, बैंक ऋण की प्रक्रिया और आवेदन से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं में मार्गदर्शन दिया जाता है.
लेखक: रवीना सिंह