Success Story: जायडेक्स की जायटॉनिक टेक्नोलॉजी ने बदली खेती की तस्वीर, 30% तक घटी लागत और सुधरी मिट्टी की सेहत! Success Story: जायटॉनिक टेक्नोलॉजी से किसान कैसे बढ़ा रहे हैं उत्पादन और घटा रहे हैं खेती की लागत? एथेनॉल का अधूरा हिसाब: ऊर्जा सुरक्षा की कीमत कौन चुका रहा है? Success Story: जायडेक्स के जैविक उत्पादों से बदली खेती की तस्वीर, लागत हुई 50% कम, उपज में भी हुई शानदार वृद्धि! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 6 August, 2026 11:06 AM IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में किसानों एवं पशुपालकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

  • केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्रशिक्षण को व्यवहार में उतारकर आय बढ़ाने का किया आह्वान

  • कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी देना होगा विशेष जोर:  चौहान

05 अगस्त 2026 में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में किसानों एवं पशुपालकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं डेयर सचिव डॉ. एम. एल. जाट, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए. के. सिंह, आईसीएआर के वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य तथा विभिन्न राज्यों से जुड़े किसान एवं पशुपालक उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों एवं पशुपालकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण किसानों की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और संस्थान को अपने-अपने क्षेत्र में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने चाहिए।

चौहान ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों से कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तीन दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त करना नहीं, बल्कि सीखी गई तकनीकों और वैज्ञानिक जानकारियों को अपने दैनिक कार्यों में अपनाना है। उन्होंने कहा कि अच्छे एवं स्वस्थ पशुओं का चयन, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन, वैज्ञानिक प्रजनन तकनीकों तथा दुग्ध उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्राप्त प्रशिक्षण किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाना है, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े, पशु स्वस्थ रहें और किसानों की आय में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाना ही उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य है।

चौहान ने कहा कि केवल अनाज उत्पादन से किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि संभव नहीं है। इसके लिए पशुपालन सहित अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन अपनाने और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों का दायित्व केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनकी आजीविका में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकाधिक किसान जुड़ेंगे, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी तथा किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रशिक्षण से हुए लाभों की जानकारी दी।

इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं डेयर सचिव डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि किसानों की आय में तेजी से वृद्धि तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डेयरी को एकीकृत कृषि प्रणाली का अभिन्न हिस्सा मानते हुए आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों एवं पशुपालकों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि शिक्षण संस्थानों में निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे जिससे वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।

English Summary: Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University Farmers Training Shivraj Singh Chouhan Address
Published on: 06 August 2026, 11:11 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now