राजस्थान के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है. फसलों को आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना’ के तहत तारबंदी योजना को और मजबूत किया है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देकर उनकी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अक्सर देखा जाता है कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन आवारा पशु उनकी फसल को नुकसान पहुंचा देते हैं.
ऐसे में यह योजना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. नए नियमों के तहत छोटे किसान भी अब इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं.
क्या है तारबंदी योजना?
तारबंदी योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मकसद किसानों की फसलों को सुरक्षा प्रदान करना है. इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों के चारों ओर मजबूत फेंसिंग करवाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. यह योजना खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी है जहां आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान पहुंचता है.
पात्रता में किया गया बदलाव
सरकार ने योजना को अधिक समावेशी बनाने के लिए पात्रता नियमों में बदलाव किया है.
अब व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने वाले किसान के पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर (लगभग 2 बीघा) कृषि भूमि होना जरूरी है. अगर किसी किसान के पास इतनी जमीन नहीं है, तो वह दूसरे किसान के साथ मिलकर समूह बनाकर आवेदन कर सकता है.
समूह आवेदन के लिए कम से कम दो किसानों का होना जरूरी है और उनकी कुल जमीन 0.5 हेक्टेयर होनी चाहिए. वहीं, बड़े स्तर पर सामुदायिक आवेदन के लिए 10 या उससे अधिक किसानों का समूह होना चाहिए, जिनकी कुल भूमि कम से कम 5 हेक्टेयर हो.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
तारबंदी योजना के तहत सरकार किसानों को अच्छी-खासी सब्सिडी दे रही है. सामान्य श्रेणी के व्यक्तिगत किसानों को लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है. अगर किसान समूह बनाकर तारबंदी करवाते हैं, तो उन्हें ज्यादा लाभ मिलता है. ऐसे में सरकार लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम 56,000 रुपये प्रति किसान तक अनुदान देती है. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है.
तारबंदी के तकनीकी नियम
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी है. पिलर से पिलर की दूरी 10 से 15 फीट के बीच होनी चाहिए. तारबंदी में कुल 7 तार लगाने होंगे, जिसमें 5 तार सीधे और 2 तार तिरछे (क्रॉस) लगाए जाएंगे. इससे छोटे जानवर भी खेत में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. किसानों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वे साधारण कंटीले तार की जगह ‘चेन लिंक’ जाली का इस्तेमाल कर सकते हैं. दोनों विकल्पों पर समान सब्सिडी दी जाएगी.
कितनी लंबाई तक मिलेगा लाभ?
व्यक्तिगत श्रेणी में एक किसान अधिकतम 400 मीटर तक की तारबंदी पर ही सब्सिडी का लाभ ले सकता है. इससे अधिक लंबाई के लिए किसान को खुद खर्च उठाना होगा.
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए वे राजकिसान साथी पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय जमीन से जुड़े दस्तावेज और पहचान पत्र देना जरूरी होता है. सरकार ने इस योजना को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर लागू किया है, इसलिए किसानों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है.
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
तारबंदी योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है. इससे फसलों को आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाया जा सकता है. इससे फसल उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है. इसके अलावा, किसान अब रात में भी निश्चिंत होकर सो सकते हैं, क्योंकि उनकी फसल सुरक्षित रहती है. यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.