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Updated on: 8 May, 2026 1:00 PM IST
कम खर्च में मिल रहे आधुनिक कृषि मशीनरी उपकरण (Image Source-AI generate)

देश में हर किसान अमीर किसान नहीं है कुछ किसान ऐसे हैं, जिनके पास महंगे कृषि उपकरण खरीदने के लिए पैसे ही नहीं है. इस परेशानी को राजस्थान सरकार ने ध्यान में रखते हुए कस्टम हायरिंग योजना Custom Hiring Yojana की शुरुआत की है, जिसके तहत भरतपुर सहित कई जिलों के किसान ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर, थ्रेसर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण बेहद कम लागत पर किराए से ले सकते हैं और खेती की लागत कम कर उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं.

इसके अलावा, सरकार इस सरकारी योजना के तहत कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को सब्सिडी और ब्याज मुक्त लोन की सुविधा भी मुहैया करा रही है.

किन कृषि उपकरणों पर मिलेगी सब्सिडी

किसानों के लिए कस्टम हायरिंग योजना एक लाभकारी सरकारी योजना है और कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़े लगभग सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें है-

  • ट्रैक्टर

  • सीड ड्रिल

  • कल्टीवेटर

  • लेवलर

  • एमबी प्लो 

  • थ्रेसर और रोटावेटर जैसे उपकरण शामिल हैं. 

बता दें कि इन यंत्रों से किसान जुताई, बुवाई, निराई और कटाई तक के काम मशीनों की मदद से कम समय और कम खर्च में कर सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.

यंत्र खरीद पर कितनी मिलती है सब्सिडी?

सरकार कस्टम हायरिंग योजना के तहत अनुदान विभिन्न श्रेणियों के हिसाब से मुहैया करा रही है. कृषि विभाग के अनुसार यदि जेएसएस, केवीएस या एफपीओ द्वारा कृषि यंत्र खरीदे जाते हैं तो उन्हें 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है. वहीं व्यक्तिगत किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है. साथ ही इस योजना का फायदा उठाकर किसान भाई 30 लाख रुपये तक के कृषि उपकरण की खरीद कर सकते हैं.

(Image Source-AI generate)

ब्याज मुक्त लोन की सुविधा

किसान भाई कस्टम हायरिंग योजना में अगर आवेदन करते हैं, तो वह इस योजना का सबसे खास लाभ उठा सकते हैं. बता दें कि इस योजना में किसानों को कृषि उपकरण खरीदने के लिए ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है. यदि किसान लोन लेकर कृषि यंत्र खरीदता है और उसका लोन स्वीकृत हो जाता है, तो सब्सिडी की 40 प्रतिशत राशि चार वर्षों तक कार्यालय में जमा रहती है.

इसके अलावा, अगर किसान लगातार चार सालों तक कस्टम हायरिंग सेंटर का संचालन करता है, तो उस राशि को सरकार किसानों के बैंक खाते में भेज देती है, जिससे किसानों का बोझ कम हो जाता है और वे आसानी से मशीनों का उपयोग कर सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Rajasthan Farmers get Subsidy on Agricultural Equipment purchase
Published on: 08 May 2026, 01:32 PM IST

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