Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 1 February, 2023 11:27 AM IST
फसलों के लिए खाद बनी बारिश

इस समय देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. किसानों को उम्मीद है कि इस बार हो रही बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी. जो किसान अब तक इस बारिश के कारण नुकसान उठाते रहे हैं, उन्हें इस बारिश से फसलों की पैदावार में लाभ मिलता दिख रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि बस किसान भाईयों को यह ध्यान रखना है कि खेत में एक जगह पानी जमा न हो, यदि कहीं जलभराव है तो उसे साफ कर दें और कोशिश करें कि पूरे खेत में संतुलित पानी भरा रहे.

बारिश का महत्व

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय खेतों में फसल लगभग तैयार हो चुकी है. आने वाले मार्च-अप्रैल के महीने से फसलों की कटाई शुरू हो जाएगी. इस समय जिस तरह की बारिश हो रही है, यह किसानों की कमाई में चार चांद लगाने का काम करेगी और यह मौसम सिंचाई का भी है. यदि बारिश न हो तो किसान ईधन खर्च कर या बिजली से खेतों में सिंचाई करेंगे, जिन खेतों में सिंचाई नहीं होगी. उन फसलों की उत्पादकता प्रभावित होगी, लेकिन अब बारिश ने किसानों की ये टेंशन ही खत्म कर दी है. गेहूं की जड़ और पूरे पौधों को पानी की बौछार मिलने के कारण यह बारिश फसल में खाद का काम करेगी.

खाद देने की प्रक्रिया

देश के अधिकांश हिस्सों में चना, मटर, सरसों, गेहूं समेत कई रबी सीजन की फसलों की बुवाई हो चुकी है. ऐसे में फसलों की अच्छी पैदावार के लिए खाद की भी जरूरत होती है. इस समय किसानों की यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करनी होती है और खेत में पानी भी लगाना होता है. लेकिन बारिश ने किसानों की पानी लगाने की टेंशन ही खत्म कर दी है. अब यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करने से पहले किसानों को पानी लगाने की जरूरत नहीं होगी.

ये भी पढ़ेंः खाद की अधिक कीमत वसूली, तो एक फोन कॉल पर होगा लाइसेंस सस्पेंड

पश्चिम विक्षोभ का असर

उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण अगले एक सप्ताह तक देश के अलग अलग हिस्सों में कभी हल्की, कभी तेज बारिश होती रहेगी. इसी वजह से बर्फीले क्षेत्र से आने वाली हवाओं के कारण शीतलहर भी चल रही हैं. इस बारिश से किसानों को फायदा ही होगा. वहीं राजस्थान में ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है. इसलिए किसानों को डर है कि कहीं अधिक बारिश पड़नी न शुरू हो जाए.

Disclaimer:  यह खबर मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

English Summary: Rain becomes fertilizer for crops, farmer can take advantage
Published on: 01 February 2023, 11:33 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now