Sugarcane Variety: गन्ने की नई किस्म Co-18022 (कर्ण-18) की खेती कर आय बढ़ाएं 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 24 March, 2026 6:48 PM IST
पूसा में ‘जलवायु परिवर्तन और खाद्य प्रणाली’ पर मंथन

बिहार कृषि विज्ञान अकादमी (बासा) और डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ‘जलवायु परिवर्तन और खाद्य प्रणाली’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और चरम मौसम की घटनाओं के बीच कृषि उत्पादन पर पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा करना तथा भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए ठोस रणनीतियां तैयार करना था.

मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (इंजीनियरिंग) डॉ. एस. एन. झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है. उन्होंने जलवायु-प्रतिरोधी कृषि तकनीकों के त्वरित विकास और प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि स्थिर फसल उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए नवाचार जरूरी है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने कहा कि एक ओर जहां कृषि उत्पादकता घट रही है, वहीं मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में फसल प्रजनन, जल प्रबंधन और कटाई के बाद की तकनीकों में नवाचार के जरिए कृषि को अधिक सक्षम बनाना होगा.

सम्मानित अतिथि के रूप में इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ अनुसंधान फेलो डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जलवायु-प्रतिरोधी फसल किस्मों, जल उपयोग दक्षता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना समय की मांग है. उन्होंने नीति ढांचे को जमीनी हकीकत के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

संगोष्ठी में विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां तकनीकी सत्रों के साथ गहन चर्चा हुई. समापन सत्र में जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए एक साझा रोडमैप तैयार करने, राज्य और केंद्र सरकार के लिए नीति संक्षेप विकसित करने तथा किसानों के बीच क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने पर सहमति बनी.

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. संजय नाथ तिवारी, डीन (पीजीसीए) डॉ. मयंक राय, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रत्नेश झा, निदेशक एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट डॉ. रामदत्त सहित कई वैज्ञानिकों ने अपने विचार साझा किए. मंच संचालन डॉ. अंजनी कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रितंभरा सिंह ने दिया.

संगोष्ठी में डॉ. डी. के. राय, डॉ. पी. पी. श्रीवास्तव, डॉ. महेश कुमार, डॉ. कुमार राज्यवर्धन, डॉ. एस. पी. सिंह समेत विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, वैज्ञानिक और पदाधिकारी उपस्थित रहे.

रिपोर्ट: रामजी कुमार FTJ बिहार

English Summary: pusa climate change food system seminar climate resilient agriculture roadmap
Published on: 24 March 2026, 06:55 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now