Sugarcane Farming Tips: वैज्ञानिक ढंग से गन्ने की खेती कर बढ़ाएं उत्पादन Union Budget 2026-27: बजट की थाली सजी रही, किसान फिर भूखा ही लौटा! Union Budget 2026-27: बजट में किसानों को क्या मिला, जानिए बड़े ऐलान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
मुजफ्फरपुर में प्रगतिशील किसानों की बैठक

मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी स्थित कृषि कार्यालय के आत्मा सभागार में प्रगतिशील किसानों की बैठक का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता आत्मा के उप निदेशक बिनोद कुमार ने की, जबकि संचालन प्राकृतिक खेती संभाग के नोडल अधिकारी कुणाल सिंह ने किया.

बैठक में कुणाल सिंह ने बताया कि सरकार अब प्राकृतिक खेती (नेचुरल फॉर्मिंग) को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है. इस उद्देश्य से सरकार किसानों को आवश्यक सहयोग और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी. केला, लीची, आम, हल्दी, ओल और मोटे अनाज को इस योजना में प्राथमिकता दी गई है.

एक हालिया शोध के अनुसार, जिले में अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. इसी को देखते हुए मुजफ्फरपुर को प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने वाले जिलों में चयनित किया गया है.

जिले में प्राकृतिक खेती के लिए 750 हेक्टेयर भूमि पर कार्य किया जाएगा, इसके लिए मुजफ्फरपुर में 15 क्लस्टर बनाया जाएगा. एक क्लस्टर में 50 हेक्टेयर जमीन पर 125 किसान प्राकृतिक खेती करेंगे. 750 हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य रखा गया है.

रिपोर्ट: रौशन कुमार, एफटीजे, बिहार

English Summary: progressive farmers in Muzaffarpur strategy made for natural farming
Published on: 05 May 2025, 10:34 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now