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Updated on: 11 March, 2026 4:31 PM IST
कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन (जीसीडब्ल्यूएएस-2026) की आईसीएआर मे हुई कांफ्रेंस की झलक
  • कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन (जीसीडब्ल्यूएएस-2026) का अभूतपूर्व आयोजन नई दिल्ली में होगा

  • भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जीसीडब्ल्यूएएस-2026 का उ‌द्घाटन करेंगी

कृषि में महिलाओं की भूमिका को मान्यता देने तथा उन्हें मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन (जीसीडब्ल्यूएएस-2026)' का तीन दिवसीय कार्यक्रम, 12-14 मार्च, 2026 को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम हॉल, आईसीएआर सम्मेलन केन्द्र में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्‌द्घाटन भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू करेंगी।

उ‌द्घाटन सत्र में, शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र में अन्नपूर्णा देवी, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, मुख्य अतिथि रहेंगी।

यह खास कार्यक्रम, कृषि विज्ञान के विकास के लिए न्यास (TAAS), भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर (ICAR), अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान हेतु परामर्शदात्री समूह (CGIAR), और पादप किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) ने मिलकर आयोजित किया है। इस सम्मेलन को कापी सहयोग मिला है, जिसमें 15 से ज़्यादा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगठन सह-आयोजनकर्ता एवं ज्ञान साझेदार के तौर पर हिस्सा ले रहा है साथ ही इतनी ही संख्या में ही प्रयोजक भी हैं।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'महिला किसानों हेतु अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2026 के दौरान होने वाली इस सम्मेलन का विषय, "प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, नई ऊंचाइयां प्राप्त करना," महिला किसानों के लिए वैश्विक दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से फिट बैठता है। इस कार्यक्रम में भारत तथा दुनिया भर से वैज्ञानिक, नीति निर्माण, उद्‌द्योग जगत के प्रमुख लोग, उद्यमी, प्रगतिशील पेशेवर, महिला किसान, नव-उ‌द्यम तथा विद्यार्थियों समेत 700 से ज्यादा अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोगों के इक‌ट्ठा होने की उम्मीद है। इसका मुख्य मकसद, लैंगिक आगीदारी को मुख्यधारा में लाने हेतु नीतिगत कार्य योजना तथा इसके पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना तथा टिकाऊ एवं समावेशी कृषि-खाद्य प्रणाली बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना है।

यह सम्मेलन मुख्य संरक्षक, डॉ. राज एस. परोदा, चेयरमैन, टीएएएस, संरक्षक डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप); डॉ. इस्माहने एलौती, कार्यकारी प्रबंध निदेशक, सीजीआईएआर, डॉ. टी. महापात्रा, चेयरपर्सन, पीपीवी एवं एफआरए, के सम्मानित मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इस

सम्मेलन की अध्यक्ष, डॉ. रेणु स्वरूप, कृषि सचिव, जैव प्रौद्‌योगिकी विभाग, भारत सरकार, तथा सह अध्यक्ष, डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि विस्तार), आईसीएआर, होंगे।

राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ लीडर इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे। जाने-माने वक्ताओं में, डॉ. एम्नेस कालीबाटा, संस्थापक एवं चेयर, कनेक्ट 4 इंपेक्ट (Connect4Impact), सलाहकार संगठन, डॉ. बैम गोवाट्स, महानिदेशक, सिमिट, डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, चेयरपर्सन, एमएसएसआरएफ, डॉ. शकुंतला एच. चिल्स्टेड, विश्व खाद्‌य पुरस्कार विजेता, डॉ. नित्या राव, निदेशक, एनआईएसडी, नॉर्विच, यूनाइटेड किंगडम, डॉ. निकोलिन डी हान, लैंगिक समानता एवं युवा प्रेरक मंच के निदेशक, आईएलआरआई, केन्या, के साथ-साथ कई अन्य वक्ता शामिल हैं।

बदलाव हेतु एक विस्तृत कार्यसूचीः

तीन दिवसीय कार्यक्रम को गहन तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला के रूप में बनाया गया है। जिसकी खास झलक हैं:

  • वैश्विक स्तर पर नई राह दिखाने वाला महिलाओं के साथ संवादः यह सत्र महिला लीडर तथा वैज्ञानिकों द्वारा प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए है।

  • लैंगिक समानता तथा सामाजिक भागीदारी को मुख्यधारा में लानाः खेती की नीतियों एवं संस्थाओं में लैंगिक संवेदनशील तरीकों को शामिल करने पर फोकस होगा।

  • आर्थिक समावेशीकरण के जरिए महिलाओं को मजबूत बनानाः मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के लिए उद्यमिता, वितीय मॉडल और बाजार संपर्क की जांच करना।

  • बदलाव के लिए तकनीकीः डिजिटल उपकरण, जलवायु-अनुकूल नवाचार और महिलाओं के लिए सर्वसुलभतकनीकी पर चर्चा, जिससे उत्पादकता बढ़े साथ ही कम मेहनत लगे, इसे ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

सम्मेलन में विशेष मंचों का भी आयोजन किया जाएगा, जिनमें जमीनी स्तर की चुनौतियों पर विचार करने के लिए महिला किसान मंच तथा कृषि-खाद्य क्षेत्र के अगली पीढ़ी के नेताओं को जोड़ने और उनके बीच नेटवर्क स्थापित करने के लिए युवा मंच शामिल होगा।

चर्चाओं के साथ-साथ, एक प्रदर्शनी में महिलाओं के लिए बनी तकनीकी, हस्तक्षेप और योजनाएं दिखाई जाएगी। साथ ही यह प्रदर्शनी महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और नव-उद्यम को अपने नवाचार तथा उत्पाद को प्रदर्शित करने हेतु एक आवश्यक मंच प्रदान करेगी।

जीसीडब्ल्यूएएस-2026 का मकसद अमल करने लायक सुझाव देना, दुनिया भर के सबसे बेहतर तरीकों को इकट्ठा करना तथा भविष्य के लिए एक साफ रोडमैप बनाना है। उम्मीद है कि इसके नतीजे लैंगिक नीति निर्माण, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने तथा वास्तविक रूप समावेशी कृषि विकास को बढ़ावा देने में अहम योगदान देंगे।

English Summary: President Draupadi Murmu to inaugurate GCWAS-2026 Global Conference on Women in Agriculture food systems
Published on: 11 March 2026, 04:40 PM IST

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