बिहार सरकार किसानों के साथ-साथ गांव के ग्रामीण लोगों के लिए भी सरकारी योजनाएं चला रही है जैसे प्रधानमंत्री सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना जिसका लाभ राज्य के कई परिवारों को मिल रहा है और साथ ही सरकार इस योजना के तहत बिहार के कटिहार जिले के 14 प्रखंडों में जागरुकता अभियान चला रही है,क्योंकि राज्य सरकार का इस अभियान के पीछे का उद्देश्य है एक ”सोलर मॉडल गांव “ चुनना जिसके लिए गांवों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.
सोलर गांव प्लान क्या है?
बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर गांव प्लान अभियान की नींव रखी है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में सोलर गांव(Model Solar Village) विकसित किया जाएगा. यानी की इन गांव में घरों की पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग को बढ़ाया जाएगा, ताकि गांव के लोगों रूफटॉप सोलर सिस्टम को अपनाएं और बिजली के बिल से राहत पाएं.
कैसे काम करता है रूफटॉप सोलर सिस्टम?
रूफटॉप सोलर सिस्टम सूर्य की रोशनी को बिजली में परिवर्तित करता है. यह बिजली सबसे पहले घर में उपयोग होती है. यदि सोलर सिस्टम आवश्यकता से अधिक बिजली पैदा करता है, तो अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली ग्रिड में चली जाती है.
इससे उपभोक्ता का बिजली बिल कम आता है. कई मामलों में अतिरिक्त बिजली बेचकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है. यही वजह है कि सरकार इस योजना को देशभर में तेजी से बढ़ावा दे रही है.
कितनी मिलेगी सरकारी सब्सिडी?
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार विभिन्न क्षमता के सोलर सिस्टम पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है-
1. किलोवाट सोलर सिस्टम लगाने पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी.
2. किलोवाट सोलर सिस्टम लगाने पर 60,000 रुपये तक की सब्सिडी.
3. किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी.
क्या लोन की सहायता मिलेगी?
जो परिवार एकमुश्त राशि खर्च करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए भी सरकार ने विशेष व्यवस्था की है. योजना के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से करीब 7 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे लाभार्थी बिना अधिक आर्थिक बोझ के अपने घर पर सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं. साथ ही सरकार का मानना है कि कम ब्याज वाले ऋण की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की लोकप्रियता और बढ़ेगी तथा अधिक परिवार इसका लाभ ले सकेंगे.
लेखक: रवीना सिंह