खेती-किसानी में किसानों की सबसे बड़ी समस्या होती है फसल की लागत निकालना, लेकिन जब बाजारों में फसलों के दाम गिरते हैं तो किसानों की मेहनत पकर पानी फिर जाता है. इस समस्या के निपटारे के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने उभरी है. साथ ही सरकार ने योजना को प्रभावी बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं, जिससे किसानों को बेहतर फायदा मिलने की गुंजाइश है.
क्या है PM-AASHA योजना?
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना की शुरुआत किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने और बाजारों में गिरते दामों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरु की गई है. साथ ही यह योजना खासतौर पर दालों, तिलहन और खोपरा जैसी फसलों पर केंद्रित है, जहां आमतौर पर इन फसलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलते रहते हैं.
अब कितने फीसदी तक उपज को MSP पर खरीदेगी सरकार
'PM-आशा योजना' के तहत किसानों को उनकी फसलों के अधिक दाम मिलने की गुंजाइश है, क्योंकि सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब तक जहां सरकारी खरीद की सीमा कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है. सरकार के इस बदलाव से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि किसान अब अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकेंगे, जिससे बाजारों में गिरती कीमत से भी किसानों को कुछ फ्रक नहीं पड़ेगा.
PM-AASHA योजना की कैसे मिलती है सुविधा?
PM-AASHA योजना को तीन अलग-अलग तरीकों से लागू किया गया है, ताकि हर तरह के किसान इसका लाभ उठा सकें-
1. प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS)
इस मॉडल के तहत सरकारी एजेंसियां सीधे किसानों से फसल खरीदती हैं. यह सबसे पारंपरिक और भरोसेमंद तरीका माना जाता है.
2. प्राइस डेफिशियेंसी पेमेंट स्कीम (PDPS)
अगर किसान अपनी फसल बाजार में MSP से कम दाम पर बेचता है, तो MSP और बाजार मूल्य के बीच का अंतर सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
3. प्राइवेट प्रोक्योरमेंट एंड स्टॉकिस्ट स्कीम (PPPS)
इस मॉडल में निजी कंपनियों को भी फसल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं.
PM-AASHA योजना के लिए ऐसे करें आवेदन
अगर जिन किसान भाइयों ने इस सरकारी योजना में आवेदन नहीं किया है तो वह MSP पाने के लिए अपने राज्य के कृषि पोर्टल, CSC केंद्र या ई-संयुक्ति पोर्टल पर ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. और इसके अलावा, किसान आवेदन करने के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात इन सभी दस्तावेजों को तैयार रखें, क्योंकि इन कागजों की मदद से आवेदन किया जा सकता है और इसके बाद किसान अपनी उपज को सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह