केंद्र सरकार देश के नागरिकों के लिए कई योजना निकालती रहती है और अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने छोटे कारीगरों और पारंपरिक काम करने वालों के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरूआत की है. साथ ही इस योजना के तहत बढ़ई, लोहा, दर्जी, कुम्हार, मोची जैसे कारीगर बिना किसी गारंटी के ₹90,000 तक का लोन ले सकते हैं. यह लोन न सिर्फ उनके काम को बढ़ावा देगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह पर भी ले जाएगा.
क्या है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना?
सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत खास तौर पर पारंपरिक काम-धंधे से जुड़े लोगों के लिए शुरु की गई है. सरकार यह चाहती है कि छोटे कारीगर आधुनिक साधनों के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं और आत्मनिर्भर बनें. इसके अलावा इस योजना की खास बात यह है कि आसान शर्तों पर लोन दिया जाता है, बल्कि प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) और टूलकिट की सुविधा भी प्रदान की जाती है.
बिना गारंटी कैसे मिल रहा है लोन?
इस योजना की खासियत यह है कि अगर कोई व्यक्ति लोन लेता है, तो उसको किसी तरह जमानत या गारंटी की कोई जरुरत नहीं. इस योजना के तहत सरकार खुद ही गांरटी देती है, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान आसानी से कर्ज मंजूर कर देते हैं. इससे उन कारीगरों को बड़ी राहत मिलती है, जिनके पास संपत्ति या गारंटी देने के लिए कुछ नहीं होता. ऐसे में यह योजना हर तरह से फायदेमंद है.
दो चरणों में मिलेगा लोन
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दो चरणों में लोन दिया जाता है इस प्रकार-
पहले चरण- में पात्र लाभार्थियों को बेहद ही आसन शर्तों पर ₹90,000 तक लोन मिलता है.
दूसरे चरण- में, यदि लाभार्थी समय पर पहली किस्त चुका देता है, तो उसे आगे और अधिक राशि का लोन भी मिल सकता है.
बेहद कम ब्याज दर
अगर हम बैंक से मिलने वाले लोन की बात करें, तो यह बेहद ही अधिक ब्याज पर मिलता है, लेकिन पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लोन करीब 5% सालाना ब्याज पर दिया जाता है. इसका कारण यह है कि सरकार ब्याज का बड़ा हिस्सा खुद सब्सिडी के रूप में देती है. इससे कारीगरों पर कर्ज का बोझ नहीं बढ़ता और वे आराम से किस्तें चुका सकते हैं.
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ वहीं लोग ले सकते हैं, जो पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं, जिनमें बढ़ई, लोहार, सुनार, मोची, दर्जी, राजमिस्त्री, नाई, कुम्हार, मूर्तिकार, हथकरघा बुनकर और अन्य पारंपरिक कारीगर को इस योजना का लाभ मिलेगा. इसके अलावा कुछ जरूरी शर्तें भी हैं-
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आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए.
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वह पहले से किसी सरकारी लोन में डिफॉल्टर न हो.
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उसके पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना जरूरी है.
ट्रेनिंग और टूलकिट का भी मिलेगा फायदा
पीएम विश्वकर्मा योजना सिर्फ लोन देने तक ही सीमित नहीं है. इसके तहत लाभार्थियों को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दी जाती है, जिससे वह अपने काम को तकनीकी और आधुनिक तरीकों से कर सकें. इसके अलावा कारीगरों को टूलकिट खरीद में भी आर्थिक सहायता दी जाती है.
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
इस योजना के लिएआवेदन करना बेहद ही आसान है. इच्छुक लोग इस योजना में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. साथ ही ध्यान रहे कि इन दस्तावेजों का होना बेहद ही जरुरी है-
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आधार कार्ड
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बैंक खाता विवरण
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मोबाइल नंबर
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काम से जुड़ा प्रमाण पत्र
लेखक: रवीना सिंह