Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 5 October, 2022 2:47 PM IST
कुल्लू दशहरा में पीएम मोदी

हिमाचल के कुल्लू का दशहरा दुनिया भर में फेमस है इस दिन यहां पर बड़ी धूमधाम से दशहरा मनाया जाता है और रावण दहन देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं. लेकिन इस बार कुल्लू का दशहरा सुर्खियों में है क्योंकि यहां पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जा रहे हैं.

बता दें कि पीएम अभी हिमाचल के दौरे पर हैं जिसमें उन्होंने पहले एम्स, बिलासपुर का उद्घाटन किया और अब कुल्लू के प्रसिद्ध दशहरा उत्सव में भाग लेंगे. इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, अनुराग ठाकुर, जयराम ठाकुर और सुरेश कश्यप भी पीएम के साथ रहेंगे.

कुल्लू के दशहरे का क्या है इतिहास

कुल्लू दशहरे के बारे में एक किंवदंती के अनुसार बताया जाता है कि 16वीं शताब्ती में कुल्लू में राजा जगत सिंह का शासन था. राजा को दुर्गादत्त के नाम से एक किसान के बारे में पता चला. जिसके बारे में कहा जाता था कि उसके पास बहुत कीमती मोती हैं. लेकिन उसके पास कोई असल के मोती नहीं बल्कि ज्ञान मोती थे. राजा ने लालच के कारण मोती न देने पर दुर्गादत्त को फांसी की सजा सुनाई, जिसके चलते दुर्गादत्त ने आत्महत्या कर और राजा को श्राप दिया कि "जब भी तुम खाओगे, तुम्हारा चावल कीड़े के रूप में दिखाई देगा, और पानी खून के रूप में दिखाई देगा".

ये भी पढ़ें: इन शहरों का दशहरा है दुनियाभर में फेमस, यहां जानें जगहों के नाम

राजा ने अपने श्राप को काटने के लिए एक ब्राह्मण से सलाह ली और ब्राह्मण ने बताया कि शाप को मिटाने के लिए, उसे राम के राज्य से रघुनाथ के देवता को पुनः प्राप्त करना होगा. राजा ने एक ब्राह्मण को अयोध्या भेजा और वहां से रघुनाथ के देवता को लाने के लिए कहा. ब्राह्मण जब कुल्लू देवता लेकर के आया तो राजा जगत सिंह ने देवता के चरण-अमृत पिया और उसका शाप हट गया. इस कथा के बाद यहां पर दशहरे के दिन रथ यात्रा निकाली गई. उसी के बाद से यह परंपरा चली आ रही है.

English Summary: pm modi will be the first prime minister to participate in the ancient Kullu Dussehra
Published on: 05 October 2022, 02:54 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now