देश के किसानों के लिए सरकार कई योजना निकालती रहती है, जिसके माध्यम से किसान को मदद मिलती रहे. ऐसे ही सरकार किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) चला रही है. इसी के चलते किसानों को अब इंतजार है. पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का जो किसानों के खाते में जल्द ही जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा इस किस्त का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा जिनके नाम पर जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद दर्ज होगी.
वहीं, जिन किसान भाइयों के नाम जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद या फिर जमीन का कानूनी कोई स्वामित्व नहीं है, सरकार उनकी किस्त में रोक लगा सकती है. आगे इसी क्रम में जानें इस योजना में क्या नया बदलाव आया है.
क्या नया बदलाव हुआ है?
पीएम किसान योजना का लाभ उन किसानों को नहीं मिल सकेंगा, जिनकी जमीन दादा, परदादा या पिता के नाम से दर्ज है या फिर वह इस जमीन पर खेती कर रहे हैं, क्योंकि आज भी कई ऐसे किसान है, जो अपने पूर्वजों के नाम की जमीन पर खेती कर रहे हैं. इसलिए सरकार ने यह बदलाव किया है कि नए निर्देशों के मुताबिक जिन किसानों के नाम पर जमीन की जमाबंदी दर्ज होगी और लगान रसीद भी उन्हीं के नाम से कटी होगी उन्हीं किसानों के खाते में पीएम किसान योजना का पैसा भेजा जाएगा.
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
सरकार को सूत्रों से यह जानकारी मिल रही थीं कि पीएम किसान योजना का लाभ कुछ ऐसे किसान भी उठा रहे हैं, जिनके नाम पर जमीन का कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं है और कई मामलों में जमीन घर के दादा, परदादा के नाम पर दर्ज है और उस जमीन पर खेती कोई ओर कर रहा है और इसी आधार पर कुछ किसान इस योजना का फायदा उठा रहे हैं. इन मिली शिकायतों के चलते सरकार ने यह सख्त फैसला लिया है. साथ ही अधिकारियों का यह कहना है कि इस योजना की शुरुआत छोटे और सीमांत वास्तविक किसानों को आर्थिक मदद देना है.
अब क्या करेंगे किसान?
अभी तक जो किसान अपने दादा, परदादा के नाम की जमीन पर खेती कर रहे हैं और उसी के माध्यम से पीएम किसान की राशि का फायदा उठा रहे हैं, तो उन किसानों को अपने परिजनों की सहमति से जमीन की अलग जमाबंदी अपने नाम पर करवानी होगी. साथ ही सरकार ने किसानों को मार्च 2026 तक का वक्त दिया है. इस पूरी प्रक्रिया को पूरी करने बाद ही किसानों को पीएम राशि का लाभ मिल सकेंगा.
मार्च 2026 के बाद क्या होगी स्थिति
अगर कोई किसान सरकार द्वारा लाएं गए निर्देशों का पालन नहीं करता है. यानी की किसान मार्च 2026 तक अपने नाम पर जमाबंदी और लगान रसीद नहीं बनवाते हैं, तो सरकार उन किसानों की सालाना मिलने वाली 6,000 रुपये की किस्त पर पाबंदी लगा देंगी. इसी वजह से सरकार किसानों से बार-बार यह अपील कर रही है कि किसान आखिरी समय का इंतजार न करें और जल्द ही अपने जमीन के कागजातों को ठीक कर लें.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
पीएम किसान योजना के लाभार्थियों के लिए यह समय बेहद ही अहम है, जिन किसान भाइयों ने अभी तक जमीन के कागज दर्ज नहीं करवाएं है वह किसान जल्द ही अंचल कार्यालय या संबंधित राजस्व कार्यालय से संपर्क कर अपने दस्तावेजों को अपडेट करवा लें. यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना नहीं पड़ेगा और उन्हें पीएम किसान योजना की किस्तों का लाभ मिलता रहेगा.