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Updated on: 13 March, 2026 8:58 PM IST
विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम–किसान) की 22वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर दिनांक 13 मार्च 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसानों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों तथा छात्रों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 9 करोड़ 32 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग ₹18,640 करोड़ की सम्मान राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

लाइव वेबकास्ट कार्यक्रम में दीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान पारंपरिक धान–गेहूँ की खेती के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मोटे अनाज एवं बागवानी फसलों को अपनाकर फसल विविधीकरण करें, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव हो सके। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली, पशुपालन, बकरी पालन तथा मशरूम उत्पादन को किसानों के लिए लाभकारी बताया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक–वैज्ञानिक संवाद में संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि, रबी फसलों जैसे गेहूँ, चना, सरसों और मसूर की उन्नत किस्मों, आधुनिक फसल प्रबंधन तकनीकों तथा उत्पादकता बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने असम के गुवाहाटी से आयोजित कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों एवं अन्य हितधारकों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर कई विकास योजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया तथा अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिससे कृषि और ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होने के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। उन्होंने चाय बागानों से जुड़े किसानों और श्रमिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई तथा यह भी कहा कि किसानों को उर्वरक उचित एवं रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि ही देश की प्रगति का आधार है और “विकसित भारत–2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बार योजना के अंतर्गत 2 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी सीधे लाभ प्राप्त हुआ है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे पूर्व, संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने मुख्य अतिथि दीघा विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक डॉ. संजीव चौरसिया तथा उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन देश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में 22वीं किस्त जारी की जा रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बनाएं।

कार्यक्रम से पहले किसानों ने संस्थान के विभिन्न अनुसंधान प्रक्षेत्रों का भ्रमण कर वहाँ चल रहे शोध कार्यों और नवीन कृषि तकनीकों को नज़दीक से देखा। इस कार्यक्रम में पटना, गया जी और राँची से लगभग150 किसानों सहित 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। किसानों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के बारे में भी प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है।

English Summary: PM-KISAN Scheme at the Agricultural Research Complex Patna: Live Webcast of the 22nd Installment MLA Dr. Sanjeev Chaurasia Interacted with Farmers
Published on: 13 March 2026, 09:07 PM IST

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