केंद्र सरकार की शुरुआत पीएम किसान योजना देश के किसानों का बड़ा सहारा बन चुकी है. इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में बैंक खातों में भेजी जाती है. अब तक इस सरकारी योजना के लाभार्थियों को 22 किस्त का लाभ मिल चुका है. ऐसे में किसान भाइयों की नजर टिकी हुई है योजना की 23वीं किस्त पर की सरकार कब इस राशि को जारी करने का ऐलान करेंगी और कब खातों में पैसा आएगा.
क्या है योजना और कैसे मिलता है लाभ?
केंन्द्र सरकार द्वारा शुरु की गई PM-Kisan योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि 2000-2000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. यह पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है. बता दे कि सरकार अब तक इस योजना की 22 किस्तें जारी कर चुकी है. 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी, जिसके तहत लगभग 9.3 करोड़ किसानों को लाभ मिला. अब सभी की नजर 23वीं किस्त पर टिकी हुई है.
कब आ सकती है 23वीं किस्त?
अगर योजना के पैटर्न के देखे तो, किस्तें साल में तीन बार जारी होती हैं. इस प्रकार-
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अप्रैल से जुलाई
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अगस्त से नवंबर
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दिसंबर से मार्च
इसी क्रम को देखते हुए 23वीं किस्त अप्रैल–जुलाई चक्र में आने की संभावना है. पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के आधार पर माना जा रहा है कि जून या जुलाई 2026 के बीच किसानों के खाते में 2000 रुपये की अगली किस्त ट्रांसफर की जा सकती है.
23वीं किस्त पहले ये 3 काम जरूरी
सरकार ने साफ किया है कि केवल उन्हीं किसानों को किस्त का लाभ मिलेगा, जिनकी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होंगी. अगर इनमें कोई कमी रही, तो किस्त अटक सकती है.
1.e-KYC करवाना अनिवार्य
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी है, तो आपको e-KYC करवाना बेहद ही आवश्यक है. अगर आप इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, तो ऐसे में 23वीं किस्त में रुकावट आ सकती है. जल्द ही किसान नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC करवा सकते हैं. इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल के जरिए OTP आधारित e-KYC भी घर बैठे की जा सकती है.
2.आधार-बैंक लिंकिंग जरूरी
किसानों की जिस बैंक खाते में किस्त आती है, उसका आधार से लिंक होना अनिवार्य है. DBT सिस्टम के तहत आधार सीडिंग पूरी नहीं होने पर ट्रांजेक्शन फेल हो सकता है. इसलिए किसानों को अपने बैंक में जाकर यह पता करना चाहिए कि उनका खाता आधार से जुड़ा है या नहीं.
3.भू-सत्यापन (Land Verification)
सरकार अब लाभार्थियों के भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी कर रही है. जिन किसानों का लैंड वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है. इसके लिए किसान अपने स्थानीय पटवारी या कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं.
किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ?
सरकार लगातार अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर कर रही है. ऐसे में निम्न श्रेणी के किसानों को लाभ नहीं मिलेगा:
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जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है
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एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे हैं
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सरकारी नौकरी करने वाले किसान
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आयकरदाता (Income Tax Payers)
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गलत दस्तावेज जमा करने वाले
लेखक: रवीना सिंह