कम बारिश, महंगी खाद और बढ़ती गर्मी: किसानों के लिए क्या है समाधान? Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 16 July, 2026 4:21 PM IST
धान, मक्का, समेत 11 खरीफ फसलों का होगा बीमा (Image Source-AI generate)

किसान भाइयों के लिए राहत की खबर सामने आ रही है कि सरकार ने फसल बीमा की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. इससे किसानों को यह फायदा हुआ है कि वह आराम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन कर सकते हैं और इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही बता दें कि किसान इस योजना में 11 खरीफ फसलों का करा सकते हैं बीमा और प्राकृतिक आपदाओं या खराब मौसम में हुए फसल नुकसान पर प्राप्त कर सकते हैं मुआवजा.

कितनी खरीफ फसलों का मिलेगा बीमा?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ सीजन की कुल 11 अधिसूचित फसलों को शामिल किया गया है. इनमें सिंचित एवं असिंचित धान, मक्का और सोयाबीन प्रमुख हैं. इसके अलावा अरहर, मूंगफली, मूंग, उड़द जैसी दलहनी एवं तिलहनी फसलें भी योजना के दायरे में हैं. वहीं मोटे अनाज (मिलेट्स) में कोदो, कुटकी और रागी का भी बीमा कराया जा सकता है.

हालांकि, प्रत्येक जिले और गांव में अधिसूचित फसलें अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि विभाग से संबंधित जानकारी अवश्य प्राप्त करें.

ऋणी और अऋणी दोनों किसान उठा सकते हैं लाभ

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल कृषि ऋण लेने वाले किसानों तक सीमित नहीं है. योजना के तहत ऋणी (Loanee) और अऋणी (Non-Loanee) दोनों प्रकार के किसान आवेदन कर सकते हैं. साथ ही जिन किसानों ने फसल ऋण लिया है, वे अपने बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं. वहीं जिन किसानों ने ऋण नहीं लिया है, वे नजदीकी बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अधिकृत बीमा एजेंट या कृषि विभाग के कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा किसान केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं.

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फसल चक्र के विभिन्न चरणों में किसानों को सुरक्षा प्रदान करती है. यदि प्रतिकूल मौसम के कारण समय पर बुआई नहीं हो पाती है, तो बाधित बोनी (Prevented Sowing) की स्थिति में भी किसान सहायता के पात्र होंगे. यदि बुआई के बाद शुरुआती अवस्था में फसल खराब हो जाती है, तो रोपण में विफलता (Planting Failure) के प्रावधान के तहत मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन जैसी स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान पर भी योजना का लाभ मिलेगा.

इतना ही नहीं, यदि कटाई के बाद खेत में रखी उपज चक्रवात, बेमौसम बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से प्रभावित होती है, तो पोस्ट हार्वेस्ट लॉस (Post-Harvest Loss) के तहत भी किसान बीमा दावा कर सकेंगे.

फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर दें सूचना

कृषि विभाग ने किसानों को स्पष्ट रूप से बताया है कि यदि फसल को प्राकृतिक आपदा, बाढ़, अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि या अन्य कारणों से नुकसान होता है, तो इसकी सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना नहीं देने पर बीमा दावा प्रभावित हो सकता है.

इसके अलावा, किसान नुकसान की जानकारी संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, बैंक या अन्य अधिकृत कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा सहायता और शिकायत के लिए केंद्र सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 पर भी संपर्क किया जा सकता है.

कब तक करा सकते हैं फसल बीमा?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 सीजन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. जो किसान इस अवधि के भीतर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा लेंगे, वे योजना के सभी प्रावधानों के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Pm Crop Insurance Scheme 2026 Kharif 11 Crops Paddy maize Insurance Apply Know Last Date
Published on: 16 July 2026, 04:28 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now