Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 15 July, 2022 9:16 AM IST
e-NAM Coffee Table Book launched
e-NAM Coffee Table Book launched

कर्नाटक के बेंगलुरु में आज राज्यों के कृषि और बागवानी मंत्रियों के सम्मेलन के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय कृषि बाजार/National Agriculture Market (ई-नाम) के तहत प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (पीओपी) का शुभारंभ किया. साथ ही, लगभग साढ़े 3 लाख किसानों को लाभान्वित करने के लिए उनके 1018 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 37 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान जारी किया.

कृषि मंत्री तोमर के साथ कर्नाटक के सीएम बसवराज भी रहे मौजूद

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोमर के साथ ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डा. मनसुख मांडविया, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री  कैलाश चौधरी व सु शोभा करंदलाजे, कर्नाटक के कृषि मंत्री  बी.सी. पाटिल, राज्यों के मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव  मनोज अहूजा व संयुक्त सचिव सु विजयलक्ष्मी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (पीओपी) का क्या होगा फायदा?

पीओपी की शुरूआत होने से किसानों को उपज राज्य की सीमाओं से बाहर बेचने में सुविधा होगी. इससे कई बाजारों, खरीददारों, सेवा प्रदाताओं तक किसानों की डिजिटल रूप से पहुंच बढ़ेगी और मूल्य खोज तंत्र, गुणवत्ता के अनुरूप मूल्य प्राप्ति में सुधार के उद्देश्य से व्यापार लेन-देन में पारदर्शिता आएगी.

पीओपी से डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र होगा तैयार

पीओपी पर विभिन्न मूल्य श्रृंखला सेवाओं जैसे व्यापार, परख, भंडारण, फिनटेक, बाजार की जानकारी, परिवहन आदि की सुविधा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्मों के 41 सेवा प्रदाताओं को शामिल किया गया है. पीओपी से डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा, जिससे कृषि मूल्य श्रृंखला के विभिन्न खंडों में अलग-अलग प्लेटफार्मों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा.

पीओपी सेवा प्रदाताओं के मंच का करता है एकीकरण

ई-नाम "प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स" के रूप में सेवा प्रदाताओं के मंच का एकीकरण करता है, जिसमें समग्र सेवा प्रदाता (सेवा प्रदाता जो कृषि उपज के व्यापार के लिए समग्र सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसमें गुणवत्ता परख, व्यापार, भुगतान प्रणाली और लॉजिस्टिक्स से संबंधित सेवाएं शामिल हैं), लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, गुणवत्ता परख सेवा प्रदाता, सफाई, ग्रेडिंग, छंटाई और पैकेजिंग सेवा प्रदाता, भंडारण सुविधा सेवा प्रदाता, कृषि आदान सेवा प्रदाता, प्रौद्योगिकी सक्षम वित्त व बीमा सेवा प्रदाता, सूचना प्रसार पोर्टल (सलाहकार सेवाएं, फसल अनुमान, मौसम अद्यतन, किसानों के लिए क्षमता निर्माण आदि), अन्य प्लेटफार्म (ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय कृषि-व्यापार प्लेटफॉर्म, वस्तु विनिमय, निजी बाजार प्लेटफॉर्म आदि) शामिल हैं.

ई-नाम मोबाइल ऐप के माध्यम से पीओपी से जुड़े

विभिन्न सेवा प्रदाताओं के शामिल होने से न केवल ई-नाम प्लेटफॉर्म के मूल्य में वृद्धि होती है, बल्कि प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं को विभिन्न सेवा प्रदाताओं से सेवाएं प्राप्त करने के विकल्प मिलते हैं. यह किसानों, एफपीओ, व्यापारियों व अन्य हितधारकों को एकल खिड़की के माध्यम से कृषि मूल्य श्रृंखला में विभिन्न प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, जिससे हितधारकों के पास अधिक विकल्प होते हैं. इसके अलावा, अच्छी कोटि की वस्तु/सेवा प्रदाता का चयन करते समय, हितधारकों का समय और श्रम कम लगता है. पीओपी तक ई-नाम मोबाइल ऐप के माध्यम से पहुंचा जा सकता है जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.

1018 एफपीओ को Rs.37 करोड़ से ज्यादा का इक्विटी अनुदान जारी- नरेंद्र सिंह तोमर

नरेंद्र सिंह तोमर ने 10 हजार एफपीओ के गठन के लिए सीएसएस के तहत 1018 एफपीओ को 37 करोड़ रु. से अधिक का इक्विटी अनुदान जारी किया, जिससे लगभग साढ़े 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे. केंद्र सरकार से समान इक्विटी अनुदान द्वारा अनुपूरित निर्माता सदस्यों की इक्विटी से एफपीओ का वित्तीय आधार सुदृढ़ होगा और उन्हें अपनी परियोजनाओं एवं व्यवसाय विकास हेतु कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में मदद मिलेगी. योजना के तहत एफपीओ को 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रति एफपीओ 18 लाख रु. तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.

इसके अलावा, प्रति एफपीओ 15 लाख रु. की सीमा के साथ एफपीओ के प्रत्येक किसान सदस्य के लिए 2 हजार रु. तक के समतुल्य अनुदान व पात्र ऋणदाता संस्थान से प्रति एफपीओ के लिए 2 करोड़ रु. के परियोजना ऋण तक की क्रेडिट गारंटी सुविधा का प्रावधान है ताकि संस्थागत ऋण पहुंच सुनिश्चित हो सके.

कृषि मंत्री ने ई-नाम की कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन

कृषि मंत्री द्वारा विमोचित "कॉफी टेबल बुक" नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश में कृषि उत्पादों के व्यापार में पारदर्शिता व दक्षता लाने में ई-नाम के प्रयास और यात्रा को प्रदर्शित करती है. ई-नाम पर कॉफी टेबल बुक एपीएमसी मंडियों के डिजिटलीकरण की सुविधा द्वारा किसानों और हितधारकों के लाभों तथा सफलता को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है.

English Summary: Platform of Platforms (POP) launched, e-NAM Coffee Table Book launched
Published on: 15 July 2022, 09:32 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now